हरियाणा, 21 अक्टूबर 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): धान उत्पादक किसानों को सरकारी खरीद के संबंध में बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार ने निर्धारित प्रति एकड़ उपज सीमा से अधिक धान की खरीद के लिए नई प्रक्रिया स्पष्ट की है। जिन किसानों की फसल निर्धारित सीमा से अधिक हुई है, वे अब अतिरिक्त उपज का विवरण देकर उसका सत्यापन करवा सकेंगे। सत्यापन की प्रक्रिया 48 घंटे के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों के लिए नए नियमों के मुख्य बिंदु
– लिखित आवेदन अनिवार्य: निर्धारित उपज सीमा से अधिक धान होने पर किसान को संबंधित मंडी समिति के सचिव के पास अतिरिक्त उपज का विवरण देते हुए लिखित आवेदन देना होगा।
– 48 घंटे में जांच: दावे को सत्यापन के लिए राजस्व विभाग या कृषि विभाग के पास भेजा जाएगा। जहां उपलब्ध होंगे, वहां पिछले वर्षों के उत्पादन और बिक्री के रिकॉर्ड की जांच की जाएगी।
– अतिरिक्त धान की खरीद: सत्यापन सही पाए जाने के बाद निर्धारित सीमा से अधिक धान को भी सरकारी खरीद में शामिल किया जाएगा।
– सरकार का आश्वासन: कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा है कि सरकार किसानों की पूरी पात्र फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है।
किसान संगठनों की क्या है मांग?
भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने पिछले तीन वर्षों की औसत उपज के आधार पर मौजूदा फसल की सीमा तय करने पर आपत्ति जताई है। संगठन ने खरीद की निर्धारित सीमा में 10 प्रतिशत की छूट देने और सत्यापन प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की है।
किसानों का कहना है कि इस साल धान की पैदावार अधिक होने के बावजूद उन्हें अपनी पूरी फसल बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
किसानों को क्या करना चाहिए?
यदि धान की उपज निर्धारित सीमा से अधिक है, तो अतिरिक्त फसल की खरीद के लिए तुरंत संबंधित मंडी समिति के सचिव से संपर्क करें और अपनी फसल से जुड़े रिकॉर्ड तैयार रखें।






