जालंधर, 21 अक्टूबर, 2026 (जगजीत सिंह): पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार 60 दिन का विशेष अभियान चलाएगी। इसके तहत गांवों और शहरों में नशे के हॉटस्पॉट की पहचान कर प्रत्येक क्षेत्र में एक पुलिस अधिकारी और एक सिविल अधिकारी की तैनाती की जाएगी। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बुधवार को जालंधर स्थित पीएपी में नशे, गैंगस्टरवाद और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों पर जानकारी देते हुए यह बात कही।
डीजीपी के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया है कि इस अभियान में पुलिस के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल विभागों को भी शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य नशे की तस्करी पर रोक लगाने के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं को नशे से दूर रखना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
नशे के हॉटस्पॉट में बढ़ेंगी सुविधाएं
सरकार की योजना केवल नशा तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। प्रभावित इलाकों में खेल मैदान विकसित करने, स्ट्रीट लाइट लगाने और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा नशे की लत से प्रभावित लोगों को पुनर्वास केंद्रों और नशा मुक्ति सेवाओं से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि मार्च 2022 से अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 95 हजार से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं और 1.27 लाख से अधिक आरोपियों को जेल भेजा गया है। इस अवधि में 7,200 किलोग्राम से ज्यादा हेरोइन जब्त की गई, जबकि नशा तस्करों की करीब 902 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई है।
गैंगस्टरों और आतंकी नेटवर्क पर भी कार्रवाई
डीजीपी ने बताया कि पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने 6 अप्रैल 2022 से अब तक विभिन्न आपराधिक गिरोहों के 3,526 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जनवरी 2026 से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 1,288 गैंगस्टर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया गया है। इस दौरान 2,507 आधुनिक हथियार और 752 वाहन जब्त किए गए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि सीमा पार से संचालित 86 आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर 660 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन कार्रवाइयों के दौरान 38 आईईडी, 131 हैंड ग्रेनेड, 28 किलोग्राम आरडीएक्स और छह रॉकेट लॉन्चर बरामद किए गए।
पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर जोर
पंजाब पुलिस की कार्यक्षमता, तकनीकी क्षमता और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने 1,600 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। इसके तहत आधुनिक पुलिस भवनों, उन्नत उपकरणों और सॉफ्टवेयर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साइबर अपराध थानों को भी आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य नशा तस्करी, संगठित अपराध और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करने के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और सामाजिक सुधार सुनिश्चित करना है।






