कुरुक्षेत्र, 22 अक्टूबर, 2026 (संजीव शर्मा): कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कुरुक्षेत्र के उपनिदेशक डा. गिरीश नागपाल ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा खेत बचाओ अभियान के तहत जिले के विभिन्न गांवों में किसान गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। इन गोष्ठियों का मुख्य उद्देश्य किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति जागरूक करना तथा धान की पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाना है। इन किसान गोष्ठियों के दौरान कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी किसानों को धान की कटाई के बाद फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के विभिन्न तरीकों की जानकारी देंगे। किसानों को बताया जाएगा कि पराली जलाने से मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीवों को नुकसान पहुंचता है तथा मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है। इसके अतिरिक्त, पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, जिससे मानव स्वास्थ्य, पशुओं तथा पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
डीडीए डा. गिरीश नागपाल ने कहा कि गोष्ठियों में किसानों को फसल अवशेषों के इन-सीटू (खेत में ही प्रबंधन) तथा एक्स-सीटू (खेत से बाहर उपयोग) के विभिन्न विकल्पों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। इन-सीटू प्रबंधन के अंतर्गत सुपर सीडर, हैप्पी सीडर एवं अन्य उपयुक्त कृषि यंत्रों की सहायता से पराली को खेत में मिलाने अथवा उसके ऊपर से गेहूं की बिजाई करने की तकनीकों पर चर्चा की जाएगी। वहीं, एक्स-सीटू प्रबंधन के तहत पराली की गांठें बनाकर उसे पशु चारे, बायोमास ऊर्जा तथा अन्य उपयोगी कार्यों में इस्तेमाल करने के विकल्पों के बारे में भी बताया जाएगा।
कृषि विभाग द्वारा किसानों को जागरूक किया जाएगा कि फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन मिट्टी में जैविक पदार्थ बढ़ाने, मृदा स्वास्थ्य सुधारने तथा पर्यावरण संरक्षण में सहायक है।
उन्होंने कहा कि किसानों को उपलब्ध कृषि यंत्रों एवं विभागीय योजनाओं के माध्यम से पराली प्रबंधन अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। किसान धान की पराली को आग न लगाएं तथा फसल अवशेषों का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करें। खेत बचाओ अभियान के तहत आयोजित होने वाली ये किसान गोष्ठियां किसानों को जागरूक करने और जिले में टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसान अपने खेत, मिट्टी और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए पराली प्रबंधन अपनाएं तथा पराली जलाने से बचें।






