हरियाणा, 22 अक्टूबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरुग्राम और नूंह में एक निजी कंपनी को बिजली आपूर्ति का लाइसेंस दिए जाने के मामले में हरियाणा सरकार पूरी तरह बिजली कर्मचारियों के साथ है। सरकार हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) के इस फैसले के खिलाफ विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) में अपील करेगी और मामले की मजबूती से पैरवी भी करेगी। इसके लिए सरकार बिजली यूनियनों की पसंद के वकील नियुक्त करके उनके माध्यम से केस लड़ने के लिए तैयार है। सरकार बिजली कर्मचारियों के खिलाफ नहीं है और बातचीत के लिए उसके दरवाजे हमेशा खुले हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं अभियंता संयुक्त संघर्ष मोर्चा की ओर से बुलाई गई तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल से निपटने के लिए प्रशासनिक सचिवों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। सभी जिलों के उपायुक्त ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए। बैठक में बिजली मंत्री अनिल विज, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा विद्युत नियामक आयोग द्वारा गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली आपूर्ति का लाइसेंस देने के फैसले का राज्य सरकार शुरू से ही बिजली यूनियनों के साथ मिलकर विरोध कर रही है। बिजली कर्मचारी यूनियनों की मांग के अनुरूप सरकार ने इस मामले में विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (APTEL) में अपील करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में पूरी तरह बिजली कर्मचारियों के साथ है और बातचीत के लिए हमेशा तैयार है। यदि बिजली यूनियन चाहें तो सरकार उनकी पसंद के वकीलों के माध्यम से भी इस मामले की पैरवी करने को तैयार है। मुख्यमंत्री ने जनहित को ध्यान में रखते हुए बिजली यूनियनों से हड़ताल स्थगित करने की अपील की।
आम जनता को परेशानी न हो, सभी विभाग सक्रिय होकर करें काम
मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि बिजली कर्मचारी एवं अभियंता संयुक्त संघर्ष मोर्चा की तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल के दौरान आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी विभागों को सक्रियता से काम करना होगा, ताकि हड़ताल के चलते अव्यवस्था न फैले और बिजली विभाग की किसी भी संस्था को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने संवेदनशील प्रतिष्ठानों की निगरानी के लिए ड्रोन की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी जिलों में जरूरत के अनुसार पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए, ताकि हड़ताल की आड़ में कोई असामाजिक तत्व अव्यवस्था न फैला सके। उपायुक्त अपने-अपने जिलों में विभिन्न विभागों के तकनीकी कर्मचारियों, उद्योगों में कार्यरत कर्मचारियों, पॉलिटेक्निक कॉलेजों और आईटीआई में अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की सेवाएं भी बिजली आपूर्ति सुचारू रखने के लिए ले सकते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे कर्मचारियों और विद्यार्थियों को काम पर लगाने से पहले सुरक्षा किट उपलब्ध कराई जाए और सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सभी उपायुक्त जिला स्तर पर समितियों का गठन करें। ये समितियां चंडीगढ़ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति को नियमित रूप से रिपोर्ट देंगी। उपायुक्त अपने जिलों में हॉटलाइन के माध्यम से मुख्यालय के संपर्क में रहें और जनता की शिकायतें सुनने के लिए नियंत्रण कक्ष के नंबर भी सार्वजनिक करें।
बिजलीघरों और पावर ग्रिड को नुकसान पहुंचाने वालों पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली कर्मचारी यूनियन की हड़ताल की आड़ में किसी भी प्रकार की हिंसा या उपद्रव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई असामाजिक तत्व बिजलीघर या पावर ग्रिड को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना जनता के पैसे की बर्बादी है और सरकार इसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहारों के मौसम को देखते हुए ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण आम जनता को असुविधा न हो। इसके साथ ही अन्य सभी विभागों की सेवाएं भी जनता को निर्बाध रूप से मिलती रहनी चाहिए। उन्होंने हड़ताल के प्रभाव को कम करने के लिए उपायुक्तों और अन्य अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
सरकार ने निजी कंपनी को लाइसेंस देने का किया था विरोध: अनिल विज
बिजली मंत्री अनिल विज ने बताया कि एचईआरसी केंद्र सरकार के अधीन एक स्वतंत्र नियामक है। राज्य सरकार ने हरियाणा में किसी निजी कंपनी के माध्यम से बिजली आपूर्ति का लाइसेंस देने के लिए कोई आवेदन आमंत्रित नहीं किया था। एचईआरसी के नियमों में प्रावधान है कि कोई भी कंपनी लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकती है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इंजीनियरों के संगठन के साथ मिलकर शुरू से ही निजी कंपनी को लाइसेंस देने का विरोध किया है और अब इस फैसले के खिलाफ अपील की जाएगी। बिजली यूनियनों के पास इस मामले में कोई सुझाव या समाधान हो तो वे सरकार के सामने रख सकती हैं, ताकि दोनों पक्ष मिलकर मामले की प्रभावी पैरवी कर सकें।
1,015 स्थानों पर 6,230 पुलिसकर्मी तैनात
पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने बताया कि हड़ताल के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। राज्यभर में 1,015 स्थानों पर 6,230 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस द्वारा हेल्पलाइन नंबर 1501 पर प्राप्त होने वाली शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सभी जिलों में नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन नंबर स्थापित किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है और सभी पुलिस अधिकारियों को पुख्ता सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिजली और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था
ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़ ने बताया कि हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं अभियंता संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने केवल एक दिन के नोटिस पर तीन दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है। हड़ताल के दौरान आम जनता को परेशानी से बचाने के लिए विभाग सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पड़ोसी राज्यों के बिजली कर्मचारियों की सेवाएं लेने की योजना बना रहा है।
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा स्थापित नियंत्रण कक्ष में निदेशक स्तर के अधिकारी तैनात रहेंगे। हड़ताल की वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी और इससे निपटने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। बिजली और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।






