नई दिल्ली, 23 अक्टूबर, 2026 (जगजीत सिंह): देश की राजधानी दिल्ली में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। कमजोर मांग और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के दबाव के बीच सोना 1,000 रुपये गिरकर 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी की कीमत में 5,900 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद इसका भाव 2,07,500 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। ये कीमतें सभी करों सहित बताई गई हैं।
तीन महीने के निचले स्तर पर सोना
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, दिल्ली में सोने की कीमत गिरकर करीब तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई है। इससे पहले 30 जुलाई को सोने का भाव इस स्तर के आसपास दर्ज किया गया था। बाजार में कमजोर रुझान के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है।
चांदी में तेज गिरावट, रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब 49% नीचे
चांदी की कीमत बुधवार के 2,13,400 रुपये प्रति किलोग्राम से घटकर 2,07,500 रुपये रह गई। यह पिछले करीब 10 महीनों का निचला स्तर बताया जा रहा है।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 को 2.39 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर से चांदी अब तक 31,500 रुपये यानी लगभग 13.18 प्रतिशत गिर चुकी है। वहीं, 29 जनवरी को दर्ज 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर की तुलना में इसकी कीमत करीब 1,97,000 रुपये यानी 48.70 प्रतिशत कम हो गई है।
क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के भाव?
LKP सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष एवं शोध विश्लेषक जतिन त्रिवेदी के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उससे जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
PL कैपिटल के कमोडिटी प्रमुख आशीष राजोदिया ने बताया कि कच्चे तेल की कीमत लगभग 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने से महंगाई की चिंताएं बढ़ी हैं। ऐसी स्थिति में केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की संभावना मजबूत हो सकती है। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली परिसंपत्तियों के आकर्षण को कम कर सकती हैं।
विश्लेषकों के मुताबिक, चांदी में सोने की तुलना में अधिक गिरावट की एक वजह इसकी कीमतों में अपेक्षाकृत ज्यादा उतार-चढ़ाव होना भी है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त मौद्रिक रुख के संकेत भी दोनों कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं।
आगे किस बात पर रहेगी बाजार की नजर?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिका-ईरान तनाव, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर बनी हुई है। इन कारकों में नरमी आने पर सोने और चांदी को कुछ सहारा मिल सकता है, जबकि महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंताएं बढ़ने से कीमतों पर दबाव जारी रह सकता है।






