Wednesday, November 4, 2026
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मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री के साथ सौहार्दपूर्ण बातचीत के बाद बिजली कर्मचारी यूनियनों ने हड़ताल वापस लेने का किया ऐलान, बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम तुरंत शुरू होगा

पंचकूला, 24 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार बिजली उपभोक्ताओं के हितों और बिजली कर्मचारियों के कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि समानांतर बिजली लाइसेंस के मामले में सरकार का रुख शुरू से ही स्पष्ट रहा है और सरकार इस मुद्दे पर बिजली कर्मचारी यूनियनों के साथ खड़ी है। कर्मचारी प्रतिनिधियों ने इसी भावना के तहत हड़ताल वापस लेने और तत्काल प्रभाव से बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए कर्मचारियों को काम पर लौटने का ऐलान किया है।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला में बिजली कर्मचारी यूनियनों के नेताओं के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। बैठक में समानांतर बिजली लाइसेंस के मुद्दे, कर्मचारियों की मांगों और हड़ताल के कारण प्रभावित हुई बिजली आपूर्ति को बहाल करने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में बिजली मंत्री श्री अनिल विज, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, बिजली विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री के. मकरंद पांडुरंग, हरियाणा पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक डॉ. आदित्य दहिया और विशेष सचिव श्री विक्रम भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज पिछले कई दिनों से बिजली कर्मचारी यूनियनों के पदाधिकारियों के संपर्क में थे, ताकि इस मुद्दे का समाधान बातचीत के माध्यम से निकाला जा सके और आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) द्वारा आदेश पारित किए जाने से पहले ही विधानसभा में ऊर्जा मंत्री ने अपना स्पष्ट रुख सामने रख दिया था कि सरकार समानांतर बिजली लाइसेंस के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में बिजली क्षेत्र के निजीकरण के पक्ष में नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि HERC एक स्वतंत्र वैधानिक संस्था है, जिसका गठन बिजली अधिनियम, 2003 के तहत किया गया है। आयोग अपने अधिकार क्षेत्र में नियमों के अनुसार निर्णय लेता है। आयोग के आदेशों के बाद उत्पन्न स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने कानूनी और संवैधानिक प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बिजली अधिनियम की धारा 108 के तहत राज्य सरकार द्वारा आयोग को निर्देश जारी करने तथा अधिनियम की धारा 94 के तहत आयोग की न्यायिक शक्तियों के दायरे में संबंधित आदेश की समीक्षा के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की चिंताओं को गंभीरता से समझती है। सरकार का उद्देश्य बिजली व्यवस्था में जनहित की रक्षा करना, कर्मचारियों के हितों को सुरक्षित रखना और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि सरकार और कर्मचारी यूनियनों के बीच आज सौहार्दपूर्ण माहौल में सकारात्मक बातचीत हुई। यूनियन प्रतिनिधियों द्वारा हड़ताल वापस लेने और बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए तुरंत काम शुरू करने के फैसले पर मुख्यमंत्री ने बिजली कर्मचारियों का धन्यवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों की शेष मांगों पर भी बातचीत जारी रहेगी और इस संबंध में आगामी 3 नवंबर को एक बैठक निर्धारित की गई है।

बिजली मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि हरियाणा विद्युत नियामक आयोग द्वारा एक निजी कंपनी को समानांतर बिजली लाइसेंस देने संबंधी निर्णय का राज्य सरकार ने पहले दिन से ही विरोध किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने इस संबंध में किसी निजी कंपनी से आवेदन आमंत्रित नहीं किए थे। हालांकि, बिजली अधिनियम में ऐसा प्रावधान है, जिसके तहत संबंधित कंपनी आयोग के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सकती है।

उन्होंने कहा कि जिस दिन से यह मामला सामने आया, उसी दिन से बिजली कर्मचारी संगठनों ने इसका विरोध किया और राज्य सरकार ने भी अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखा। उन्होंने विधानसभा में भी विस्तार से सरकार का रुख प्रस्तुत किया था और अन्य राजनीतिक दलों से भी अपील की थी कि यदि वे इस मुद्दे पर सहमत हैं, तो आयोग के समक्ष अपना पक्ष रख सकते हैं।

बिजली मंत्री ने कहा कि सरकार ने शुरू से ही इस फैसले को चुनौती देने और इसके खिलाफ कानूनी विकल्प अपनाने का रुख रखा है। आज बिजली कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत में सहमति बनी कि बिजली अधिनियम की धारा 108 के तहत राज्य सरकार आयोग को आवश्यक निर्देश जारी कर सकती है। इसी के अनुरूप अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

हरियाणा ज्वाइंट एक्शन कमेटी की ओर से कर्मचारी प्रतिनिधियों ने कहा कि बिजली कर्मचारी समानांतर बिजली लाइसेंस और निजीकरण के विरोध में पिछले दो दिनों से हड़ताल पर थे। कर्मचारी प्रतिनिधियों ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने इस मुद्दे पर कर्मचारियों की चिंताओं को गंभीरता से सुना और सरकार की ओर से समानांतर बिजली लाइसेंस के विरोध में उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।

यूनियन प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री का धन्यवाद करते हुए हड़ताल वापस लेने तथा तत्काल प्रभाव से बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए कर्मचारियों को काम पर लौटने का ऐलान किया।

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