देशभक्ति समूह गान और कविता पाठ प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक लिया भाग
कुरुक्षेत्र, 24 अक्टॅूबर 2026 (संजीव शर्मा): जिला बाल कल्याण परिषद द्वारा बाल भवन में आयोजित बाल दिवस प्रतियोगिताओं के तीसरे दिन विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। उपायुक्त के कुशल मार्गदर्शन एवं अध्यक्षता में आयोजित की जा रही इन प्रतियोगिताओं का शुभारंभ जिला परिषद की चेयरपर्सन कंवलजीत कौर ने किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
जिला परिषद की चेयरपर्सन कंवलजीत कौर ने कहा कि बाल दिवस प्रतियोगिताओं का मुख्य उद्देश्य बच्चों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना, उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना तथा देशभक्ति, अनुशासन और सकारात्मक सोच जैसे गुणों का विकास करना है। इस प्रकार के आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियों में बढ़-चढक़र भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि बाल भवन में आयोजित की जा रही प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ अन्य बच्चों से सीखने का अवसर भी मिल रहा है। प्रतियोगिताओं में भागीदारी से बच्चों की अभिव्यक्ति क्षमता, मंच पर प्रस्तुति देने का आत्मविश्वास और आपसी सहयोग की भावना मजबूत होती है।

प्रतियोगिताओं के तीसरे दिन देशभक्ति समूह गान, कविता पाठ सहित अन्य निर्धारित प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से देशभक्ति, रचनात्मकता और साहित्यिक अभिरुचि का परिचय दिया। प्रतियोगिताओं के दौरान बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रतिभागियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
जिला बाल कल्याण अधिकारी नीलम ने कहा कि जिला बाल कल्याण परिषद द्वारा प्रतिवर्ष बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार आगे बढऩे का अवसर मिलता है। इसके साथ ही बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है और वे अपनी प्रतिभा को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करना सीखते हैं।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के परिणाम भी घोषित किए गए। जिला बाल कल्याण परिषद का प्रयास है कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक, साहित्यिक और रचनात्मक गतिविधियों में भी आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित किया जाए, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।






