धूरी/संगरूर, 26 अक्टूबर 2026 (जगजीत सिंह): जनगणना-2027 के बारे में विद्यार्थियों को जागरूक करने और इस प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से देश भगत कॉलेज, बरड़वाल, धूरी में युवा मेले के दौरान जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पंजाब के ओएसडी सुखवीर सिंह सुखी ने शिरकत की और युवाओं से जनगणना के प्रति जागरूकता का संदेश घर-घर पहुंचाने का आह्वान किया।
सुखवीर सिंह सुखी ने कहा, “जनगणना के माध्यम से प्राप्त सटीक आंकड़े लोगों की जरूरतों के अनुसार विकास योजनाएं तैयार करने का महत्वपूर्ण आधार बनते हैं। प्रत्येक व्यक्ति की गणना और हर परिवार का विवरण सही तरीके से दर्ज होना बेहद जरूरी है। युवा अपने परिवारों को ऑनलाइन स्व-गणना में सहयोग देने के साथ-साथ आसपास के लोगों को भी इस प्रक्रिया के महत्व के बारे में जागरूक करें।”
उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पीने के पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की प्रभावी योजना बनाने में विश्वसनीय आंकड़ों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’ के संदेश को आगे बढ़ाते हुए लोगों को सही और पूरी जानकारी दर्ज करवाने के लिए प्रेरित करें।
शिविर के दौरान विद्यार्थियों को जनगणना के महत्व, ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा और गणनाकारों द्वारा घर-घर जाकर की जाने वाली जनसंख्या गणना के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर जानकारीपूर्ण पर्चे भी वितरित किए गए और विद्यार्थियों के सवालों के जवाब देकर उनकी शंकाओं का समाधान किया गया।
शिविर के दौरान बताया गया कि जनगणना-2027 के तहत जनसंख्या गणना का दूसरा चरण पंजाब में 16 नवंबर, 2026 से शुरू होगा और 4 जनवरी, 2027 तक जारी रहेगा। इसके तहत 16 से 30 नवंबर, 2026 तक लोग ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे, जबकि 1 दिसंबर, 2026 से 4 जनवरी, 2027 तक गणनाकार घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना करेंगे।
विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे ऑनलाइन स्व-गणना के दौरान अपने परिवारों को सहयोग दें और विवरण दर्ज करते समय जानकारी की सावधानीपूर्वक जांच करें। इसके साथ ही घर-घर आने वाले अधिकृत गणनाकारों को सही और पूरी जानकारी उपलब्ध करवाने का संदेश भी दिया गया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों और शिक्षण संस्थानों से जागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए जोर दिया गया कि युवाओं की भागीदारी से जनगणना के महत्व और निर्धारित तिथियों के बारे में जानकारी अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचाई जा सकती है।






