वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत कर रहा है सूरजकुंड दिवाली मेला: पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा
फरीदाबाद, 27 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): केंद्रीय बिजली, आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि 26 अक्टूबर 2014 का दिन हरियाणा के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसी दिन प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा के संकल्प के साथ नई सरकार ने कार्यभार संभाला था। सरकार ने प्रदेश के सवा दो करोड़ से अधिक लोगों को अपना परिवार मानकर उनकी सेवा करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में ‘बिना पर्ची-बिना खर्ची’ योग्यता के आधार पर नौकरियां मिलना व्यवस्था परिवर्तन का प्रमाण है।
केंद्रीय मंत्री सोमवार को फरीदाबाद के सूरजकुंड मेला परिसर में आयोजित तीसरे सूरजकुंड दिवाली मेले के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा सरकार के पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, पर्यटन विभाग के आयुक्त डॉ. अमित अग्रवाल, पुलिस आयुक्त सत्यपाल गुप्ता, पूर्व विधायक नरेंद्र गुप्ता, जिला परिषद के अध्यक्ष विजय लोहिया, हरियाणा महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रेणु भाटिया, अजय गौड़ सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति और अधिकारी उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उन्हें देश की जनता की सेवा करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल प्रशासन चलाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना होना चाहिए। इसी सोच के साथ ‘अंत्योदय’ की अवधारणा को आगे बढ़ाया गया है।
उन्होंने कहा कि ‘परिवार पहचान पत्र’ के माध्यम से परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का आकलन कर जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद मिल रही है। हरियाणा की इस व्यवस्था को आज दूसरे राज्य भी समझने और अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पारदर्शिता, भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था और बिना किसी भेदभाव के विकास को प्राथमिकता दी है। गरीब परिवारों के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और जरूरतमंद लोगों को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनका उद्देश्य विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है।
दिवाली मेले को और भव्य रूप देने की दिशा में किए जाएंगे प्रयास
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन इस खूबसूरत परिसर का उपयोग केवल कुछ दिनों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसी सोच के साथ दिवाली मेले की शुरुआत की गई, ताकि परिसर में साल के अन्य समय भी सांस्कृतिक गतिविधियों और जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जा सके।
उन्होंने बताया कि इस बार दिवाली मेले में एक सप्ताह के दौरान लगभग 50 हजार लोगों के पहुंचने की जानकारी मिली है, जो बेहद उत्साहजनक है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में मेले को और आकर्षक बनाने के लिए लाइट एंड साउंड कार्यक्रम, खेल गतिविधियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और अन्य मनोरंजक आयोजनों की संभावनाओं पर काम किया जाएगा। इससे फरीदाबाद के साथ-साथ दिल्ली, गुरुग्राम और पलवल सहित आसपास के क्षेत्रों के लोग भी बड़ी संख्या में मेले में पहुंच सकेंगे।
हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कलाओं को बढ़ावा देने से आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत होगी और कारीगरों तथा छोटे व्यापारियों को नए अवसर मिलेंगे।
दिवाली का संदेश समाज के हर वर्ग के जीवन में खुशियों का प्रकाश पहुंचाना
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने और उत्सव मनाने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह समाज में प्रेम, सद्भावना, आशा और सकारात्मकता का संदेश देने का अवसर भी है। भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी में दीपमालाएं जलाने की परंपरा शुरू हुई, जो आज भी भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण पहचान है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि त्योहारों की खुशियां समाज के हर वर्ग के साथ साझा करें। जो परिवार आर्थिक तंगी के कारण उत्सव नहीं मना सकते, उनकी मदद करना हम सभी का सामाजिक दायित्व है। पड़ोस, गांव और मोहल्लों में सभी लोगों को साथ लेकर त्योहार मनाने से सामाजिक एकता और भाईचारा मजबूत होता है।
उन्होंने भगवान वाल्मीकि जी को नमन करते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और मेले में प्रस्तुति देने वाले सभी कलाकारों को शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि सूरजकुंड दिवाली मेला केवल खरीदारी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है।
इस मेले के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों की कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को एक मंच मिल रहा है। उन्होंने लोगों से स्थानीय कारीगरों और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की दूरदर्शी सोच को आगे बढ़ा रही है। सूरजकुंड मेले को नई पहचान दिलाने में मनोहर लाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
पर्यटन मंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ सहित विभिन्न मंचों के माध्यम से ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश दिया है। इस संदेश को घर-घर तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। दीपावली जैसे त्योहारों पर स्थानीय उत्पादों की खरीदारी से कारीगरों, शिल्पकारों और छोटे कारोबारियों को प्रोत्साहन मिलता है।
उन्होंने बताया कि सूरजकुंड दिवाली मेले में 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए, जहां देश की विभिन्न सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों, कलाकारों और शिल्पकारों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर पर्यटन विभाग के आयुक्त डॉ. अमित अग्रवाल, पुलिस आयुक्त सत्यपाल गुप्ता, मुख्यमंत्री के पूर्व राजनीतिक सचिव अजय गौड़, पूर्व शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा, पूर्व विधायक नरेंद्र गुप्ता, हरियाणा महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रेणु भाटिया सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।






