Wednesday, November 4, 2026
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हरियाणा के राज्यपाल ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने का दिया आह्वान

चंडीगढ़, 30 अक्टूबर, 2026 (संजीव शर्मा):  हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की शासी निकाय की 83वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए पिछले वर्ष आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान किए गए शानदार प्रबंधों की सराहना की। उन्होंने कहा कि महोत्सव को और अधिक सुचारु बनाने तथा श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।

बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, सांसद श्री नवीन जिंदल, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, विधायक श्री अशोक अरोड़ा, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्यपाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी सुविधा के लिए परिवहन सेवाओं और कनेक्टिविटी को और मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने मेला क्षेत्र तक पहुंच आसान बनाने, बस सेवाओं का विस्तार करने तथा महोत्सव के दौरान बेहतर यातायात सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर जोर दिया, ताकि आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और वे महोत्सव का पूरा आनंद उठा सकें।

प्रो. असीम कुमार घोष ने बोर्ड के सदस्यों और जिला प्रशासन को आपसी तालमेल से काम करते हुए इन व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बेहतर योजना, सामूहिक प्रयासों और व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार के माध्यम से इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव को और अधिक भव्य, सुचारु तथा श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए सुविधाजनक बनाया जाएगा।

राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने ‘डिजिटल हेरिटेज ऐप’ और ‘कुरुक्षेत्र सारथी मोबाइल ऐप’ का भी शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं एवं निर्देश

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह 5 से 25 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान अनेक धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। लोगों को जागरूक करने के लिए 2 दिसंबर को एक यात्रा शुरू की जाएगी, जो 48 कोस क्षेत्र में स्थित 182 तीर्थ स्थलों पर पहुंचेगी। इसके अलावा 4 दिसंबर को पिपली से शोभायात्रा निकाली जाएगी।

भागवत कथा, गीता सम्मेलनों के अलावा हरियाणा के गठन के 60 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। शिक्षाविदों के कार्यक्रमों के साथ-साथ युवाओं को संस्कारवान और चरित्रवान बनाने के लिए भी विशेष आयोजन किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल और दिल्ली पार्टनर स्टेट के रूप में भाग ले रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती पर आयोजित होने वाली प्रदर्शनी में इसरो, नौसेना, वायुसेना और आईसीसीआर भी हिस्सा लेंगे। इस दौरान शिल्पकार मेला और गीता पुस्तक मेला भी लगाया जाएगा, जिसमें विश्वस्तरीय शिल्पकार भाग लेंगे।

उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर 18 से 20 दिसंबर तक गीता जयंती समारोह आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान प्रदेश के प्रत्येक गांव के मंदिर में गीता पाठ का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा देश के सभी केंद्रीय विद्यालयों और जवाहर नवोदय विद्यालयों में भी विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधूरे एवं लंबित विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कुरुक्षेत्र के उपायुक्त और मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री बी.बी. भारती की एक संयुक्त समिति गठित करने के निर्देश दिए। यह समिति इन कार्यों की जांच एवं ऑडिट करके अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। रिपोर्ट में जिन अधिकारियों या कर्मचारियों को दोषी पाया जाएगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अब विभिन्न विभागों के बजाय कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केडीबी) के माध्यम से ही कार्य करवाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरस्वती तीर्थ पिहोवा का मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है। इसके दो किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में परिक्रमा मार्ग बनाया जाएगा। कुरुक्षेत्र के 11 चौकों का नवीनीकरण करके उन्हें सुंदर और भव्य बनाया जाएगा। इनके टेंडर जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा 12 अन्य स्थानों का सर्वे किया जा रहा है। इसके बाद बोर्ड के तीर्थ स्थलों की संख्या बढ़कर 194 हो जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती से पहले केडीबी क्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए एक महीने का विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। इसके तहत विभिन्न स्थानों पर डस्टबिन और सफाई बॉक्स रखे जाएं। इसके लिए एक विशेष सफाई फोर्स भी तैयार की जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी तीर्थ स्थलों पर प्रतिदिन आध्यात्मिक गतिविधियां आयोजित की जाएं। बेहतर प्रदर्शन करने वाले तीर्थ स्थल को गीता जयंती पर सम्मानित करने के साथ नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। केडीबी की प्रत्येक तीन महीने में बैठक आयोजित कर विकास कार्यों की निगरानी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केडीबी के साथ मिलकर तीर्थ स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम किया जाए। इसके लिए सभी तालाबों और जोहड़ों का सौंदर्यीकरण एवं नवीनीकरण किया जाएगा। इनमें चारदीवारी, फुटपाथ और लाइटिंग की बेहतर व्यवस्था की जाएगी।

सभी तीर्थ स्थलों की जियो-फेंसिंग करने के साथ-साथ वहां छायादार पौधे लगाए जाएंगे। इन स्थानों पर श्रद्धालुओं के बैठने के लिए हॉल बनाने के प्रस्ताव भी तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती के माध्यम से कुरुक्षेत्र की विश्व स्तर पर पहचान बनी है। इसलिए कुरुक्षेत्र का चहुंमुखी और सर्वांगीण विकास किया जाएगा।

केडीबी के सदस्य सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव को भव्य और यादगार बनाने के लिए तैयार की गई योजनाओं की विस्तार से प्रस्तुति दी। उन्होंने महोत्सव के विभिन्न कार्यक्रमों, व्यवस्थाओं और तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि आयोजन को आकर्षक बनाने और अधिक से अधिक लोगों को गीता के संदेश से जोड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ आयोजन के विभिन्न पहलुओं को प्रभावी ढंग से संपन्न करवाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, श्री ए.के. सिंह, श्री विजेंद्र कुमार, आयुक्त एवं सचिव श्री के. मकरंद पांडुरंग, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल यादव, श्री अजय कुमार, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया, कुरुक्षेत्र के उपायुक्त श्री विश्राम मीणा सहित केडीबी के सरकारी और गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।

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