फतेहगढ़ साहिब, 6 नवंबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सोना थिंद ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए जिला फतेहगढ़ साहिब की सीमा में साइबर कैफे संचालकों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
आदेशों में कहा गया है कि साइबर कैफे में उपलब्ध सुविधाओं का इस्तेमाल करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान का रिकॉर्ड रखने के लिए रजिस्टर लगाया जाए। साइबर कैफे में आने वाले और सुविधाओं का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की पहचान उसके पहचान पत्र, वोटर कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, क्रेडिट कार्ड आदि दस्तावेजों को देखकर सुनिश्चित की जाए। साइबर कैफे में आने वाला व्यक्ति अपने हाथ से रजिस्टर में अपना नाम, घर का पता, टेलीफोन नंबर और पहचान संबंधी प्रमाण दर्ज करेगा तथा रजिस्टर में हस्ताक्षर भी करेगा। आदेशों में यह भी कहा गया है कि यदि साइबर कैफे में आने वाले किसी व्यक्ति की गतिविधि संचालक को संदिग्ध लगती है, तो वह इसकी सूचना संबंधित पुलिस थाने को देगा।
जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी निषेधात्मक आदेशों में कहा गया है कि जिले में अनेक दुकानें और व्यावसायिक स्थान साइबर कैफे के रूप में संचालित हो रहे हैं। इन स्थानों पर उपलब्ध ई-मेल सहित अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल करने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं। कुछ असामाजिक तत्व और अपराधी इन सुविधाओं का इस्तेमाल सुरक्षा एवं जांच एजेंसियों को गुमराह करने, जनता में भय पैदा करने, आम लोगों, वीआईपी और सरकारी संस्थानों की सुरक्षा को खतरे में डालने तथा आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कर सकते हैं। ऐसी गतिविधियां सीधे तौर पर राज्य की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए मानव जीवन को खतरे और ऐसी किसी भी अप्रिय स्थिति से बचाने के लिए तत्काल कार्रवाई करना आवश्यक है।
ये आदेश 29 दिसंबर 2026 तक लागू रहेंगे।






