पंचकूला: हरियाणा के पंचकूला नगर निगम में 160 करोड़ रुपये का एक बड़ा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) घोटाला सामने आया है। आरोप है कि कोटक महिंद्रा बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलीभगत कर निगम के करोड़ों रुपये फर्जी खातों में ट्रांसफर कर दिए और जाली रिकॉर्ड पेश कर प्रशासन को गुमराह किया।
ऐसे हुआ घोटाले का पर्दाफाश
यह मामला तब खुला जब नगर निगम ने अपनी एक 58 करोड़ रुपये की FD मैच्योर होने पर उसे ट्रांसफर करने का अनुरोध किया। बैंक द्वारा दी गई स्टेटमेंट में तो पैसा ट्रांसफर होना दिखाया गया, लेकिन असल में निगम के खाते में एक भी रुपया नहीं पहुँचा। जब निगम ने इसकी गहराई से जांच की, तो पता चला कि वह स्टेटमेंट पूरी तरह से फर्जी थी।
जांच में आगे यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि बैंक के रिकॉर्ड में नगर निगम की कोई FD मौजूद ही नहीं थी। अधिकारियों ने फर्जी हस्ताक्षर और जाली मुहरों का इस्तेमाल कर सभी दस्तावेज तैयार किए थे।
dमुख्य आरोप और कार्रवाई
-
फर्जी खाते: बैंक अधिकारियों पर फर्जी खाते खोलने और RTGS के जरिए निगम का पैसा उनमें ट्रांसफर करने का आरोप है।
-
FIR की तैयारी: नगर निगम प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बैंक के खिलाफ FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
-
पैनल से हटाने की सिफारिश: हरियाणा सरकार को पत्र लिखकर कोटक महिंद्रा बैंक को सरकारी पैनल से हटाने की सिफारिश की गई है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
नगर निगम कमिश्नर विनय कुमार ने बताया कि मंगलवार शाम को अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर उच्च स्तरीय बैठक की गई। उन्होंने कहा, “हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कुल कितनी राशि का गबन हुआ है। निगम की लीगल और अकाउंट शाखाओं की बारीकी से समीक्षा की जा रही है।”
नोट: हाल ही में IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़ा 590 करोड़ रुपये का मामला भी चर्चा में रहा था। अब इस नए घोटाले ने निजी बैंकों में जमा सरकारी धन की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






