चंडीगढ़ 21 अप्रैल 2026 : पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर (पुरुष) कैडर की पदोन्नति में आरक्षण नियमों की गंभीर अनदेखी पर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की रोस्टर चेकिंग टीम नंबर-22 और स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारियों को 29 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश जारी किए हैं।
जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे
आयोग द्वारा पिछले 15 वर्षों के पदोन्नति रिकॉर्ड की प्रारंभिक जांच में भारी अनियमितताएं पाई गई हैं:
गलत पहचान: रिकॉर्ड में 1 दिव्यांग और 8 सामान्य वर्ग के कर्मचारियों को अनुसूचित जाति (SC) के रूप में दर्शाया गया है।
गायब डेटा: पदोन्नति पाने वाले 19 सामान्य वर्ग के कर्मचारियों का विवरण रिकॉर्ड से गायब मिला।
कोटे का उल्लंघन: कुल 374 पदोन्नतियों में से SC वर्ग के लिए आरक्षित 75 सीटों में से 69 सीटों पर सामान्य वर्ग के कर्मचारी तैनात पाए गए।
दोषियों पर गिरेगी गाज
चेयरमैन गढ़ी ने स्पष्ट किया कि आरक्षण नीति और ‘रिवर्रजेशन एक्ट 2006 व 2018’ का खुला उल्लंघन किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि संवैधानिक अधिकारों से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों के खिलाफ एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
29 अप्रैल की सुनवाई में स्वास्थ्य विभाग के निदेशक सहित रोस्टर चेकिंग टीम के सदस्यों को स्पष्टीकरण के साथ उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।