गुरदासपुर 24 जुलाई, 2026 (हर्षलीन सिंह): सीमावर्ती जिला गुरदासपुर एक बार फिर बाढ़ के खतरे की चपेट में नजर आ रहा है। पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश के कारण दोरांगला ब्लॉक के कई सीमावर्ती गांवों में पानी भरना शुरू हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, गांव आदि, चौंतरा, सलाच और आसपास के इलाकों से गुजरने वाले नोमणी नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के कारण रावी और उज्ज दरियाओं में भी पानी का बहाव बढ़ गया है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका बढ़ती जा रही है।
कई स्थानों पर नालों का पानी लिंक सड़कों तक पहुंच गया है, जिसके चलते ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित कुछ बीएसएफ चौकियों तक जाने वाले रास्ते भी पानी में डूब गए हैं। इसके कारण सुरक्षा बलों की आवाजाही और जरूरी सामान की आपूर्ति में दिक्कतें आ रही हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले साल आई बाढ़ के बाद भी जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। नालों में जमा गाद, जंगली झाड़ियों और कूड़े की सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी सही तरीके से बाहर नहीं निकल पा रहा है।
इलाके के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए तुरंत जल निकासी के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, बांधों को मजबूत किया जाए और सीमावर्ती गांवों में राहत एवं बचाव कार्यों की पहले से योजना तैयार की जाए, ताकि लोगों, पशुओं और संपत्ति को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।






