चंडीगढ़: 25 जुलाई,2026 (बलजीत सरना): फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की ताजा रिपोर्ट में देश के वन और वृक्ष आवरण को लेकर एक मिश्रित तस्वीर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग एक चौथाई हिस्सा जंगलों और पेड़ों से ढका हुआ है, जो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि वन क्षेत्र के मामले में पूर्वोत्तर राज्य और द्वीपीय क्षेत्र सबसे आगे हैं। लक्षद्वीप, मिजोरम, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में जंगलों और पेड़ों का प्रतिशत सबसे अधिक दर्ज किया गया है। ये क्षेत्र देश के सबसे अधिक हरित इलाकों में शामिल हैं।
वहीं दूसरी ओर, पंजाब समेत कई राज्यों में वन और वृक्ष आवरण की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर पाई गई है। हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और गुजरात भी उन राज्यों में शामिल हैं, जहां वन क्षेत्र का प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से कम है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि इन क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर पौधारोपण और वन संरक्षण अभियान चलाने की आवश्यकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, देश के कई राज्य और केंद्र शासित प्रदेश 33 प्रतिशत से अधिक वन एवं वृक्ष आवरण बनाए रखने में सफल रहे हैं। बड़े राज्यों में छत्तीसगढ़, केरल, असम, ओडिशा और झारखंड ने इस दिशा में बेहतर प्रदर्शन किया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वन क्षेत्र को बढ़ाना बेहद जरूरी है। अधिक से अधिक पेड़ लगाना और मौजूदा जंगलों की सुरक्षा करना पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






