सुल्तानपुर लोधी, 28 जुलाई, 2026 (प्रभजोत सिंह): पद्म श्री से सम्मानित संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने अपनी सरकारी सुरक्षा स्वेच्छा से वापस करने की इच्छा जताई है। उन्होंने पंजाब के डीजीपी को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि उनकी सुरक्षा में तैनात छह पुलिस जवानों को आम लोगों की सुरक्षा के लिए थानों में तैनात किया जाए। संत सीचेवाल ने अपने पत्र में कहा कि मौजूदा हालात में व्यक्तिगत सुरक्षा से ज्यादा जरूरी आम जनता की सुरक्षा है। उन्होंने सुझाव दिया कि उनकी सुरक्षा में तैनात तीन जवानों को लोहियां खास थाना और तीन जवानों को सुल्तानपुर लोधी थाना में भेजा जाए, ताकि क्षेत्र में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सके।
संत बलबीर सिंह ने पत्र में बताया कि जालंधर जिले के लोहियां क्षेत्र और सुल्तानपुर लोधी इलाके में चोरी, लूटपाट और नशे से जुड़ी घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है। इसके कारण स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में चिंता का माहौल है। संत सीचेवाल ने कहा कि “हमसे ज्यादा हमारे लोगों को सुरक्षा की जरूरत है।” उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति की सुरक्षा में छह जवान तैनात हैं, जबकि कई इलाकों में पुलिस बल की कमी के कारण आम लोग अपराधों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में इन जवानों का इस्तेमाल जनता की सुरक्षा के लिए किया जाना अधिक उचित होगा।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले वे पुलिस चौकियों में कर्मचारियों की कमी को लेकर सरकार और पुलिस अधिकारियों को पत्र लिख चुके हैं। उनके अनुसार, क्षेत्र में चोरी की घटनाएं, खासकर बिजली की तारों की चोरी, एक बड़ी समस्या बन चुकी है।
पवित्र वेईं का जिक्र करते हुए संत सीचेवाल ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी से जुड़े इस धार्मिक स्थल पर रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। लेकिन आसपास बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों के कारण लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। संत सीचेवाल ने बताया कि जब उन्हें पहली बार सुरक्षा उपलब्ध कराने की बात हुई थी, तब भी उन्होंने सुरक्षा लेने से इनकार किया था क्योंकि उन्हें किसी खतरे का अनुभव नहीं था। इसके बावजूद उन्हें सुरक्षा दी गई थी। अब उन्होंने दोबारा सरकार से अपील की है कि इन जवानों को जनसेवा के लिए तैनात किया जाए।
उनके इस कदम को सामाजिक जिम्मेदारी और जनहित से जुड़ा फैसला माना जा रहा है। संत सीचेवाल का कहना है कि पुलिस बल का उपयोग उन स्थानों पर होना चाहिए जहां आम लोगों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की सबसे अधिक जरूरत है।






