पटियाला, 29 जुलाई,2026 (अमनदीप सभरवाल): पंजाब के मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कायम शांति, राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और आपसी सद्भाव को बनाए रखने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
पटियाला में आयोजित ‘एक शाम शिव के नाम’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए लगातार काम कर रही है और सभी धर्मों के सम्मान व समानता पर आधारित समाज बनाने के लिए प्रयासरत है। श्रद्धालुओं के विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब एक ऐसी उपजाऊ धरती है, जहां नफरत के बीज को छोड़कर हर सकारात्मक सोच और भाईचारे का बीज फल-फूल सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग हर त्योहार और धार्मिक आयोजन को मिल-जुलकर मनाते हैं, जो पंजाब की असली पहचान है।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्हें इस पवित्र कार्यक्रम में शामिल होकर मानवता, एकता और प्रेम का संदेश साझा करने का अवसर मिलना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों की भागीदारी पंजाब की मजबूत सांप्रदायिक एकता को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में विभाजनकारी ताकतों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर धर्म का सम्मान करते हुए लोगों की भलाई के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि जनहित को ध्यान में रखते हुए 19 टोल प्लाजा बंद किए गए हैं, जिससे आम लोगों के रोजाना करीब 70 लाख रुपये बच रहे हैं। उन्होंने बताया कि पारदर्शी प्रक्रिया के तहत युवाओं को 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं। करीब 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली सुविधा मिल रही है, किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है और राज्य में सड़कों व सिंचाई व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब में करीब 44,000 किलोमीटर सड़कों के निर्माण और नहर सिंचाई प्रणाली को बेहतर बनाने पर भी काम किया जा रहा है, ताकि किसानों को पर्याप्त पानी मिल सके।
मुख्यमंत्री ने ‘मां-धीयां सम्मान योजना’ का जिक्र करते हुए बताया कि इस योजना के तहत महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक सहायता दी जा रही है।
भगवंत मान ने बताया कि इस योजना का लाभ पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को मिल रहा है और इसके लिए राज्य सरकार ने बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और समाज के हर वर्ग का विकास सुनिश्चित करना है।






