30 जुलाई,2026 (अमनदीप सरां): पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच दिल्ली में हुई एक कथित गोपनीय बैठक ने पार्टी के अंदर राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ा दी हैं। मंगलवार रात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के बीच हुई मुलाकात को लेकर कांग्रेस के भीतर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। यह बैठक रंधावा के दिल्ली स्थित आवास पर हुई थी और इसे एक मीडिया समूह से जुड़े व्यक्ति की पहल पर आयोजित किया गया था। हालांकि तीनों नेताओं ने इस मुलाकात को लेकर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।
पार्टी सूत्रों का दावा है कि बैठक में राजा वड़िंग के नेतृत्व और पार्टी की मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि कुछ नेताओं ने वड़िंग के घटते राजनीतिक प्रभाव का मुद्दा उठाते हुए उन्हें पद छोड़ने की सलाह दी। हालांकि, बैठक में किसी अंतिम फैसले पर सहमति नहीं बन पाई और नेताओं के बीच मतभेद कम करने की कोशिश की गई।
इससे पहले दिल्ली में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में हुई बैठक को लेकर भी चर्चाएं सामने आई थीं। सूत्रों का कहना है कि उस बैठक में वड़िंग ने पद छोड़ने की पेशकश की थी, लेकिन इसके साथ यह शर्त रखी थी कि वह चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी नहीं संभालेंगे। यह भी चर्चा है कि यदि प्रदेश अध्यक्ष पद पर बदलाव नहीं किया जाता है तो चरणजीत सिंह चन्नी चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर सकते हैं।
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर और भी बैठकों का दौर जारी रह सकता है, क्योंकि कई असंतुष्ट नेता फिलहाल दिल्ली में मौजूद हैं। पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व और चुनावी रणनीति को लेकर चल रही यह अंदरूनी कवायद अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है।






