चंडीगढ़, 31 जुलाई,2026 (बलजीत सरना) : पंजाब सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए कई जरूरी सरकारी दस्तावेज बनवाने पर लगने वाली फीस को तीन महीने के लिए माफ करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह सुविधा 1 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी। सरकार के अनुसार, इस अवधि के दौरान नागरिकों से कई अधिसूचित सेवाओं के लिए न तो सरकारी शुल्क लिया जाएगा और न ही सुविधा शुल्क। इस फैसले का फायदा उन लोगों को मिलेगा जिन्हें जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और शिक्षा से जुड़े दस्तावेजों की जरूरत है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि यह कदम एसआईआर अभियान को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को विभिन्न प्रमाण पत्रों की आवश्यकता पड़ रही है। सरकार का उद्देश्य है कि दस्तावेज तैयार करवाने में लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के चलते बड़ी संख्या में नागरिक निवास, जाति, जन्म और शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन कर रहे हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने संबंधित सेवाओं की फीस अस्थायी रूप से खत्म करने का निर्णय लिया है।
इस योजना के तहत 10वीं और 12वीं कक्षा की डुप्लीकेट मार्कशीट या प्रमाण पत्र सहित अन्य जरूरी सरकारी सेवाएं भी शामिल की गई हैं। इन सेवाओं के लिए निर्धारित सरकारी फीस और सुविधा शुल्क तीन महीने तक नहीं लिया जाएगा। यह सुविधा केवल सरकारी कार्यालयों तक सीमित नहीं होगी। नागरिक सेवा केंद्रों, डोरस्टेप डिलीवरी सेवाओं और ऑनलाइन नागरिक सेवा पोर्टल के माध्यम से भी लोग बिना शुल्क के आवेदन कर सकेंगे। इससे लोगों को घर बैठे या ऑनलाइन माध्यम से जरूरी दस्तावेज प्राप्त करने में आसानी होगी।
पंजाब सरकार ने स्पष्ट किया है कि फीस माफ किए जाने से होने वाले खर्च को राज्य सरकार स्वयं वहन करेगी। संबंधित विभागों को इस फैसले को लागू करने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सेवा केंद्रों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डोरस्टेप सेवाओं पर यह व्यवस्था सही तरीके से लागू हो, ताकि नागरिकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। सरकार का कहना है कि इस पहल से लोगों को आर्थिक राहत मिलेगी और जरूरी दस्तावेज समय पर उपलब्ध हो सकेंगे। साथ ही मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को भी आसान बनाने में मदद मिलेगी।





