31 जुलाई,2026 (मनोज वर्मा): पंजाब सरकार की ओर से शहीद ऊधम सिंह के शहीदी दिवस पर सुनाम में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से पहले बेरोजगार संगठनों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया है। बेरोजगार सांझा मोर्चा के नेताओं ने आरोप लगाया है कि पुलिस उनके घरों पर पहुंच रही है और आंदोलन को रोकने की कोशिश की जा रही है। मोर्चा के राज्य संयोजक सुखविंदर सिंह ढिल्लवां के घर पर देर रात थाना तपा मंडी की पुलिस पहुंची। बताया गया कि उस समय ढिल्लवां घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस ने घर की तलाशी ली। इसके बाद ढिल्लवां ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर इसे सरकार की दबाव बनाने वाली कार्रवाई बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि बेरोजगारों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को उनके साथ बातचीत करनी चाहिए। ढिल्लवां का कहना है कि रोजगार की मांग को लेकर वे पिछले कई वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं और संगरूर में भी लंबे समय से धरना जारी है। बेरोजगार नेताओं ने शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में खाली पदों को भरने, भर्ती प्रक्रिया तेज करने, उम्र सीमा में छूट देने और विभिन्न विभागों की लंबित भर्तियां पूरी करने समेत कई मांगें रखी हैं।
इसी बीच कंप्यूटर टीचर यूनियन पंजाब ने भी दावा किया है कि सुनाम में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले उसके कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। यूनियन के अनुसार बठिंडा के जोनी सिंगला, पटियाला के परमवीर सिंह समेत कई पदाधिकारियों को सुबह हिरासत में लिया गया ताकि वे प्रदर्शन में शामिल न हो सकें। यूनियन ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक लगाने का प्रयास बताया। संगठन का कहना है कि नियमित किए जाने के बावजूद कंप्यूटर शिक्षकों की वेतनमान, वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य सेवा संबंधी मांगें अभी लंबित हैं। यूनियन ने सरकार से हिरासत में लिए गए नेताओं को रिहा करने और शिक्षकों की लंबित मांगों का जल्द समाधान करने की मांग की है।






