चंडीगढ़, 3 अगस्त (गुरप्रीत सिंह): चंडीगढ़ की ऐतिहासिक और वास्तुकला विरासत से जुड़े प्रसिद्ध डिजाइनर पियरे जेनरेट द्वारा तैयार किए गए फर्नीचर की अमेरिका में प्रस्तावित नीलामी को लेकर एक बार फिर चिंता जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ से जुड़े कई विरासती फर्नीचर इस महीने अमेरिका में नीलामी के लिए रखे जाएंगे। नीलामी सूची में कार्यालयी कुर्सियां, डेस्क, फाइल रैक, राइटिंग चेयर, डाइनिंग चेयर समेत कई अन्य ऐतिहासिक फर्नीचर शामिल हैं। माना जाता है कि ये वस्तुएं चंडीगढ़ की प्रशासनिक इमारतों और शहर की विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं।
इस मामले में प्रशासक सलाहकार परिषद के सदस्य अजय जग्गा ने केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि ये फर्नीचर केवल पुरानी वस्तुएं नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और वास्तुकला विरासत की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने विदेश मंत्रालय से भी आग्रह किया है कि अमेरिकी अधिकारियों से संपर्क कर प्रस्तावित नीलामी को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। वहीं, चंडीगढ़ प्रशासन का संस्कृति विभाग भी सक्रिय हो गया है और नीलामी रोकने के कानूनी व प्रशासनिक विकल्पों पर विचार कर रहा है। साथ ही फर्नीचर की मालिकाना स्थिति और इनके विदेश पहुंचने की पूरी प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है।
प्रशासन को उम्मीद है कि केंद्र सरकार के सहयोग से इन विरासती धरोहरों की नीलामी रुक सकेगी और इन्हें दोबारा भारत लाने के प्रयास सफल होंगे।






