फतेहगढ़ साहिब, 24 अगस्त,2026 (प्रभजोत सिंह): बकरी पालन छोटे और सीमांत किसानों के लिए बिना अधिक जमीन की आवश्यकता के अपनी आय बढ़ाने का एक अच्छा साधन बन सकता है। यह बात मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. जगदेव सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्र में आत्मा योजना के तहत “बकरी पालन” पर आयोजित पांच दिवसीय व्यावसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के दौरान कही।
मुख्य कृषि अधिकारी ने कहा कि कृषि के साथ सहायक व्यवसाय अपनाकर किसान अपनी आय के स्रोत बढ़ा सकते हैं। बकरी पालन कम जोखिम, अधिक मांग और विस्तार की अच्छी संभावनाओं वाला व्यवसाय है।
इससे पहले कृषि विज्ञान केंद्र के पशु विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. जी.पी.एस. सेठी ने कृषि सहायक व्यवसाय के रूप में बकरी पालन की संभावनाओं पर प्रकाश डाला और प्रशिक्षणार्थियों को आय एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए इसे अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बकरी पालन की पृष्ठभूमि, उन्नत नस्लों, पशुओं के चयन, नवजात बकरियों और दूध देने वाली बकरियों की देखभाल एवं प्रबंधन, आवास, पानी के प्रबंधन, आंतरिक और बाहरी परजीवियों के नियंत्रण तथा रिकॉर्ड रखने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी।
इस अवसर पर डॉ. हरमनजीत सिंह, डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के तहत चल रही विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता के बारे में जानकारी दी।
इस मौके पर डॉ. हरदीप सिंह सभिखी, डिप्टी डायरेक्टर, डॉ. अरविंदरप्रीत कौर, सहायक प्रोफेसर बागवानी, डॉ. रीत वर्मा, सहायक प्रोफेसर कीट विज्ञान, डॉ. मनीषा भाटिया, सहायक प्रोफेसर गृह विज्ञान, के.वी.के. तथा डॉ. जतिंदर सिंह, डी.पी.डी. आत्मा भी उपस्थित रहे।






