Wednesday, August 26, 2026
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भगवंत मान सरकार की ओर से बहनों को रक्षाबंधन का तोहफा; नई रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिलाओं के खातों में डाली जाएगी ‘सम्मान राशि

पटियाला; 25 अगस्त 2026 (विशाल गुप्ता): रक्षाबंधन के त्योहार को पंजाब की माताओं और बहनों के लिए सम्मान और महिला सशक्तिकरण का उत्सव बनाते हुए भगवंत मान सरकार ‘मां-धियां सतिकार योजना’ के तहत नई रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिलाओं के बैंक खातों में 28 अगस्त यानी रक्षाबंधन वाले दिन ‘सम्मान राशि’ जमा करवाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह कदम सरकार की महिलाओं को केवल शब्दों से नहीं बल्कि ठोस वित्तीय सहायता से सम्मान देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अब तक ‘मां-धियां सतिकार योजना’ के तहत 75 लाख से अधिक महिलाएं पहले ही रजिस्टर्ड हो चुकी हैं और योग्य लाभार्थियों को सीधे 2,274.42 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ सरकार मुफ्त बिजली, नहरी पानी, उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा के माध्यम से अपने हर वादे को पूरा कर रही है और ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए जनता के पैसे का उपयोग जनता की भलाई के लिए कर रही है।
अपने एक्स हैंडल पर जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा: “आज पटियाला के गांव देदना में आयोजित औपचारिक समारोह के दौरान पंजाब भर में लोगों को 509 नए शानदार खेल मैदान समर्पित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हम युवाओं को नशे से बचाने और पंजाब को फिर से खेलों में अग्रणी बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 28 तारीख यानी रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार के अवसर पर माताओं-बहनों के खातों में शगुन के रूप में सम्मान राशि जमा करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मुफ्त बिजली, नहरी पानी, उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधाओं और अच्छी शिक्षा के माध्यम से हम लोगों से किया गया हर वादा पूरा कर रहे हैं और ‘रंगला पंजाब’ का सृजन कर रहे हैं।”
पटियाला में सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “महिलाओं के सम्मान को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने ‘मां-धियां सतिकार योजना’ शुरू की है। इस योजना के तहत अब तक 75 लाख से अधिक महिलाएं पंजीकृत हो चुकी हैं और 1 अगस्त, 2026 तक योग्य लाभार्थियों के बैंक खातों में 2,274.42 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जमा की जा चुकी है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “महिलाएं हर प्रकार के सम्मान की अधिकारी हैं। माताओं और बहनों के आशीर्वाद से हम दुनिया की हर चुनौती का सामना कर सकते हैं। पारिवारिक भलाई को बेहतर बनाने, लिंग समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक तथा आर्थिक निर्णय लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उनकी वित्तीय स्वायत्तता को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। हमारी सरकार महिलाओं की भलाई और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।”
उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु की सामान्य वर्ग से संबंधित महिला लाभार्थियों को 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह वित्तीय सहायता के संदेश उनके मोबाइल फोन पर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है और पंजाब की 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है। पंजाब सरकार ने इस पहल के लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये रखे हैं। उन्होंने कहा कि यह वित्तीय सहायता महिलाओं को अमीर तो नहीं बना सकती, लेकिन यह निश्चित रूप से उन्हें आत्म-सम्मान और सम्मान प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि मैं पंजीकरण करवाने से बाकी रह गई सभी पात्र माताओं-बहनों से इस सम्मान योजना का लाभ लेने की अपील करता हूं।”
कांग्रेस पार्टी में चल रही आंतरिक खींचतान पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “वे सत्ता के लिए आपस में लड़ रहे हैं, लेकिन हम पंजाब के लोगों के लिए लड़ रहे हैं। हमारी लड़ाई गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं, बेहतर सड़कों और कल्याणकारी योजनाओं के लिए है। हम आपस में नहीं लड़ते, बल्कि हम रंगला पंजाब बनाने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। सत्ता के लिए कांग्रेसी नेता एक-दूसरे को देखना तक पसंद नहीं करते।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब में अकाली दल के पिछले कार्यकाल के दौरान हुई ज्यादतियों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग यह नहीं भूले हैं कि किस तरह प्रदेश की संपत्ति लूटी गई थी और अकाली शासन के दौरान युवाओं में नशा किस तरह फैला था। उन्होंने कहा, “अकाली नेता हमेशा पंजाब और पंजाबियों के हितों के बजाय अपने हितों के बारे में सोचते रहे। यदि प्रधानमंत्री उनकी सेहत के बारे में पूछने के लिए फोन करते हैं, तो भी वे पंजाब को लूटने के लिए दिल्ली के साथ गठजोड़ के सपने देखने लगते हैं। ‘आप’ केवल पंजाब और इसके लोगों के प्रति प्रतिबद्ध है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार लोगों के कल्याण के लिए सरकारी खजाने के एक-एक पैसे का उचित उपयोग कर रही है। उन्होंने कहा, “पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को अब दिन के समय बिजली मिल रही है। हम लोगों के टैक्स के पैसे को लोगों के कल्याण के लिए समझदारी से खर्च कर रहे हैं। लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से लोगों के पास वापस आ रहा है। सरकारी खजाने का एक-एक पैसा लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस चिकित्सा उपचार प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य देखभाल कवरेज प्रदान करने वाला पहला भारतीय राज्य है और इस पहल ने परिवारों पर वित्तीय बोझ को काफी कम किया है तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा, “इस ऐतिहासिक योजना का उद्देश्य पंजाब के हर परिवार को सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करना है। लोग पहले ही इस योजना के तहत 1,044 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त उपचार प्राप्त कर चुके हैं। किसी भी परिवार को अब चिकित्सा उपचार के खर्च को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है और इसी कारण हमारी सरकार ने स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता दी है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार द्वारा शिक्षा को प्राथमिकता दी गई है और शिक्षा क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। उन्होंने कहा, “कोई भी मुफ्त या रियायती कार्ड गरीबी या सामाजिक बुराइयों को स्थायी रूप से समाप्त नहीं कर सकता और शिक्षा ही इस अभिशाप को तोड़ने का रास्ता है। शिक्षा ही ऐसी कुंजी है, जो लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर उन्हें गरीबी के चंगुल से बाहर निकाल सकती है। यही कारण है कि हमारी सरकार शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और आम आदमी को सशक्त बनाने के लिए अथक मेहनत कर रही है। हम चाहते हैं कि पंजाब का हर बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे और उसे बेहतर भविष्य बनाने का अवसर मिले।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में केरल और अन्य राज्यों से आगे निकल गया है। इस सुधार का श्रेय राज्य सरकार द्वारा शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों, स्कूल ऑफ एमिनेंस और सरकारी स्कूलों को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए अन्य प्रयासों सहित निरंतर किए जा रहे प्रयासों को दिया जा रहा है। सरकारी स्कूलों की शिक्षा में बदलाव का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “2021 में सरकारी स्कूलों के केवल 80 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की थी। इस वर्ष 2026 में यह संख्या लगभग 11 गुना बढ़कर 882 हो गई है। यही अंतर हमारे शासन ने पैदा किया है। जिन्होंने कभी सरकारी स्कूलों और शिक्षा की चिंता नहीं की, वे इस बदलाव को नहीं समझ सकते।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, खेलों और कल्याणकारी कार्यक्रमों में निवेश जारी रखेगी, ताकि समाज के हर वर्ग को प्रगति के समान अवसर मिलें और पंजाब एक स्वस्थ, शिक्षित, खुशहाल तथा नशामुक्त राज्य के रूप में उभर सके।
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