स्वास्थ्य मंत्री जिला प्रबंधकीय परिसर में एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के तहत पटियाला जिले में चल रही नशा विरोधी गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे।
बैठक में विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और कुलवंत सिंह बाजीगर, नशा मुक्ति मोर्चे के राज्य पर्यवेक्षक आसित कुमार, जोन इंचार्ज अनु बब्बर, जिला ग्रामीण प्रधान यादविंदर सिंह गोल्डी संधू तथा शहरी प्रधान बलजिंदर सिंह सराओ, उपाध्यक्ष पवन कुमार और रणजीत सिंह सहित जिले के सभी 8 विधानसभा क्षेत्रों के हलका एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों के अलावा सिविल और पुलिस अधिकारी भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि नशा केवल पंजाब ही नहीं, बल्कि देश और पूरी दुनिया की एक गंभीर समस्या है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में जिस योजनाबद्ध ढंग से ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान चलाया है तथा नशा मुक्ति मोर्चे के गठन सहित नशों की आपूर्ति और मांग को रोकने के लिए प्रयास किए हैं, उनके शानदार परिणाम सामने आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि नशा तस्करों के नेटवर्क का पीछा करते हुए वहां तक पहुंचा जाए, जहां से नशे की आपूर्ति हो रही है और बड़े नशा तस्करों को जड़ से पकड़ा जाए, ताकि नशों की पूरी सप्लाई चेन को तोड़ा जा सके।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध रोकथाम, निगरानी, उपचार, पुनर्वास और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि इसके तहत वार्ड एवं गांव डिफेंस कमेटियों के सदस्यों के प्रयासों से लोग अब खुलकर नशों के विरुद्ध सरकार का साथ दे रहे हैं और नशा तस्करी संबंधी सूचनाएं वीडीसी एवं डब्ल्यूडीसी के साथ-साथ नशा मुक्ति ऐप के माध्यम से भी पुलिस तक पहुंचा रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने नशा मुक्त हो चुके व्यक्तियों को ‘सूरमे’ का नाम दिया है और ऐसे सूरमे ब्रांड एंबेसडर बनकर नशों के विरुद्ध अभियान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए बताया कि उनके, विधायकों तथा वीडीसी एवं वार्ड डिफेंस कमेटियों की जन मिलनियों के दौरान प्राप्त फीडबैक पर पुलिस द्वारा तुरंत कार्रवाई की जाती है। इसी के तहत पटियाला पुलिस ने ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के दौरान 1 मार्च 2025 से 30 अगस्त 2026 तक नशा तस्करी के गैर-व्यावसायिक मामलों में 2254 मामले दर्ज कर 2701 तस्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि नशों की व्यावसायिक तस्करी के 88 मामलों में एफआईआर दर्ज कर 148 तस्करों को काबू किया गया है।
इसके अलावा 1254 व्यक्तियों को नशा मुक्ति के लिए डी-एडिक्शन केंद्रों में भर्ती करवाया गया है और 3065 व्यक्तियों का ओट केंद्रों में इलाज करवाया गया है।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि नशों के विरुद्ध युद्ध एक सामाजिक जिम्मेदारी है और पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाना मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का सपना है तथा यही सपना हम सभी का भी है। उन्होंने कहा कि नशों की मांग को कम करने और नशे के आदी व्यक्तियों को मुख्यधारा में लाने के लिए नशा मुक्ति मोर्चा लोगों के सहयोग से दिन-रात कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि नशा छोड़ने के इच्छुक लोगों के लिए कम्युनिटी ब्रिज कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसके तहत ऐसे व्यक्ति अस्पतालों में पहुंचकर आवश्यक उपचार और दवाइयां प्राप्त कर सकते हैं।
बैठक के दौरान एसपी (सिटी) मोहित अग्रवाल, एसपी (डी) देविंदर अत्तरी, समूह एसडीएम, डीएसपी, सिविल सर्जन डॉ. शैली जेतली, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, राजिंदरा अस्पताल डॉ. विशाल चोपड़ा, मनोरोग विभाग के प्रमुख डॉ. रजनीश राज, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी महिंदरजीत सिंह तथा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।






