फतेहगढ़ साहिब, 03 सितंबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सोना थिंद ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिला फतेहगढ़ साहिब की सीमा में साइबर कैफे मालिकों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
आदेशों के अनुसार, किसी भी ऐसे अज्ञात व्यक्ति को साइबर कैफे का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिसकी पहचान कैफे मालिक द्वारा सत्यापित न की गई हो। साइबर कैफे में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान का रिकॉर्ड रखने के लिए रजिस्टर रखना अनिवार्य होगा। उपयोगकर्ता को अपने हाथ से अपना नाम, घर का पता, टेलीफोन नंबर और पहचान संबंधी प्रमाण दर्ज करने के साथ रजिस्टर में हस्ताक्षर भी करने होंगे।
साइबर कैफे में आने वाले व्यक्ति की पहचान पहचान पत्र, वोटर कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, क्रेडिट कार्ड आदि दस्तावेजों को देखकर सत्यापित की जाएगी। एक्टिविटी सर्वर लॉग को मुख्य सर्वर में सुरक्षित रखना होगा और इसका रिकॉर्ड कम से कम छह महीने तक सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा। यदि किसी व्यक्ति की गतिविधि साइबर कैफे मालिक को संदिग्ध लगती है तो इसकी सूचना संबंधित पुलिस थाने को देनी होगी।
जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश में कहा कि जिले में कई दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान साइबर कैफे के रूप में संचालित हो रहे हैं, जहां लोग ई-मेल सहित विभिन्न ऑनलाइन सुविधाओं का उपयोग करते हैं। कुछ असामाजिक तत्व और अपराधी इन सुविधाओं का इस्तेमाल सुरक्षा एवं जांच एजेंसियों को गुमराह करने, लोगों में भय पैदा करने, आम जनता, वीआईपी और सरकारी संस्थानों की सुरक्षा को खतरे में डालने तथा आतंकवादी गतिविधियों में सहायता के लिए कर सकते हैं।
मानव जीवन और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे से बचाने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक है। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी ये आदेश 28 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे।





