फतेहगढ़ साहिब, 03 सितंबर, 2026 (दीपक दत्ता): माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सोना थिंद ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किए हैं कि जिला फतेहगढ़ साहिब में बोरवेल और ट्यूबवेल के निर्माण या मरम्मत से पहले जिला मजिस्ट्रेट, सरपंच, ग्राम पंचायत, नगर कौंसिल और जन स्वास्थ्य विभाग को 15 दिन पहले सूचित करना अनिवार्य होगा।
आदेशों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रिलिंग एजेंसियों का पंजीकरण जिले के कार्यकारी अभियंता, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के पास तथा शहरी क्षेत्रों में संबंधित नगर कौंसिल के कार्यकारी अधिकारी के कार्यालय में होना आवश्यक है। निर्माण स्थल पर ड्रिलिंग एजेंसी द्वारा कुएं के मालिक का पूरा पता दर्शाने वाला साइन बोर्ड भी लगाया जाएगा।
बोरवेल के आसपास कांटेदार तार लगाना और उसे स्टील प्लेट के ढक्कन से नट-बोल्ट द्वारा बंद करके सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा। कुएं/बोरवेल के आसपास सीमेंट या कंक्रीट का प्लेटफॉर्म भी बनाया जाएगा।
आदेशों में कहा गया है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद खाली स्थान को मिट्टी से भरना होगा। वहीं खाली पड़े बोरवेल या कुएं को मिट्टी/रेत से ऊपर तक भरकर जमीन का स्तर पहले की तरह किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंच और कृषि विभाग के अधिकारी तथा शहरी क्षेत्रों में जूनियर इंजीनियर, कार्यकारी अधिकारी, जन स्वास्थ्य विभाग और नगर कौंसिल द्वारा हर महीने रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट में नए खोदे गए, मरम्मत किए गए, उपयोग में आ रहे, खाली पड़े और भरवाए गए बोरवेल/कुओं की जानकारी शामिल होगी।
यह रिपोर्ट हर महीने अतिरिक्त उपायुक्त (विकास), फतेहगढ़ साहिब को भेजी जाएगी, जो इसका पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखेंगे। ये आदेश जिले में 28 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे।






