नई दिल्ली: 06 सितंबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा लिखे गए एक प्रेरणादायक लेख को साझा किया है। लेख में राष्ट्रपति ने शिक्षकों की भूमिका को केवल शिक्षा प्रदान करने तक सीमित न बताते हुए उन्हें विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और भविष्य को आकार देने वाला महत्वपूर्ण मार्गदर्शक बताया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने लेख में कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों में ज्ञान, कौशल, संस्कार और प्रेरणा का संचार कर उनके जीवन की दिशा निर्धारित करने में अहम योगदान देते हैं। उन्होंने शिक्षण को मानवता के भविष्य को गढ़ने वाला एक पवित्र दायित्व बताया।
उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में स्वतंत्र चिंतन और जिज्ञासा की भावना विकसित करने का आह्वान किया। साथ ही, विद्यार्थियों को बेहतर इंसान बनाने के लिए उनका सही मार्गदर्शन करने पर जोर दिया।
लेख में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने, अंत्योदय के आदर्शों को अपनाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी विकसित करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया है। राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों में राष्ट्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की भावना मजबूत करने की बात कही।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर राष्ट्रपति के लेख के प्रमुख विचार साझा करते हुए कहा कि शिक्षक ज्ञान और मूल्यों के माध्यम से विद्यार्थियों के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के भविष्य को भी आकार देते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा साझा किया गया यह लेख शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों के योगदान, जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।