संगरूर, 7 सितंबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए शुरू किए गए ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान को जमीनी स्तर पर और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अगुवाई में संगरूर में विलेज एवं वार्ड डिफेंस कमेटियों, ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों तथा सिविल एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा दृढ़ संकल्प के साथ शुरू किए गए इस अभियान के उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। नशे की गिरफ्त से बाहर निकलकर स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए लोग आगे आ रहे हैं, जबकि तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ने नशे के कारोबार पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान नशा छोड़ने वालों के लिए वरदान और तस्करों के लिए आफत साबित हुआ है।

वित्त मंत्री ने कहा कि नशों के खिलाफ जीत केवल तस्करों को पकड़ने से नहीं, बल्कि नशे की मांग कम करने और नशा पीड़ितों को दोबारा समाज की मुख्यधारा से जोड़ने से संभव होगी। उन्होंने विलेज एवं वार्ड डिफेंस कमेटियों से पंचायतों, धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं तथा युवाओं के साथ सीधा संवाद बढ़ाकर इस अभियान को हर घर की सामूहिक आवाज बनाने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों को नशों संबंधी शिकायतों का समयबद्ध निपटारा करने, आवश्यक स्थानों पर निगरानी कैमरे लगाने तथा नशा मुक्ति केंद्रों के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
विधायक नरेंद्र कौर भराज ने कहा कि नशा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ नशे की मांग को कम करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद, पारिवारिक सहभागिता तथा युवाओं को खेलों से जोड़ना नशों के खिलाफ प्रभावी सामाजिक कवच बन सकता है। उन्होंने विलेज एवं वार्ड डिफेंस कमेटियों और प्रशासन द्वारा युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर पूनमदीप कौर, एस.एस.पी. डॉ. रवजोत कौर ग्रेवाल, सिविल सर्जन डॉ. अमरजीत कौर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कमेटियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।






