चंडीगढ़, 10 सितंबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में फसल अवशेषों के टिकाऊ प्रबंधन, बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने और उद्योगों की जरूरत के अनुसार कुशल मानव संसाधन तैयार करने के लिए कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार का लक्ष्य राज्य को देश का सबसे बेहतर औद्योगिक हब बनाना और उद्योगपतियों व कारोबारियों के लिए अनुकूल एवं सुविधाजनक कारोबारी माहौल तैयार करना है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और कृषि को टिकाऊ बनाना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मान ने CII से फसल अवशेषों के वैज्ञानिक एवं टिकाऊ प्रबंधन के लिए औद्योगिक विशेषज्ञता, तकनीक और आधुनिक समाधान उपलब्ध कराने में सहयोग की मांग की। उन्होंने कहा कि पराली जलाने के बजाय इसका उपयोग उपयोगी उत्पादों और औद्योगिक कच्चे माल के रूप में करने के लिए नए मॉडल विकसित किए जा सकते हैं।
इस सहयोग के माध्यम से किसानों के लिए वैकल्पिक अवशेष प्रबंधन तकनीकों, उद्योगों में बायोमास के उपयोग तथा पर्यावरण-अनुकूल कारोबारी मॉडल को बढ़ावा दिया जा सकता है। इससे पराली जलाने की समस्या और इससे जुड़े वायु प्रदूषण को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने पंजाब के बागवानी क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए CII के साथ ज्ञान एवं तकनीक के आदान-प्रदान की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, वैल्यू एडिशन, प्रोसेसिंग और बेहतर बाजार संपर्क के माध्यम से किसानों की आय तथा कृषि की आर्थिक क्षमता बढ़ाई जा सकती है।
मान ने कहा कि पंजाब में नए उद्योगों और निवेश के बढ़ने के साथ कुशल मानव संसाधन की मांग भी बढ़ेगी। इसलिए सरकार उद्योगों की जरूरत के अनुरूप युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए उद्योग जगत के साथ साझेदारी मजबूत करना चाहती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि ऐसा कारोबारी वातावरण तैयार करना है, जहां निवेश, उत्पादन, रोजगार और निर्यात को एक साथ बढ़ावा मिल सके।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। तकनीक और औद्योगिक नवाचार के माध्यम से दोनों क्षेत्रों में एक साथ प्रगति की जा सकती है। CII जैसी औद्योगिक संस्थाओं के साथ साझेदारी पंजाब को टिकाऊ कृषि, स्वच्छ पर्यावरण और मजबूत औद्योगिक अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।






