संगरूर, 10 सितंबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एन.सी.एस.सी.) के अध्यक्ष किशोर मकवाना आज, 10 सितंबर को संगरूर जिले के तूर बनजारा गांव पहुंचकर दिवंगत गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात करेंगे। गुलजार सिंह की मौत को लेकर पंजाब में राजनीतिक विवाद गहराने के बीच आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
गुलजार सिंह की मौत से पहले सामने आए एक वीडियो और उनके परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों ने मामले को गंभीर राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद में बदल दिया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, गुलजार सिंह ने 6 सितंबर को तूर बनजारा में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की मौजूदगी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्य में नशीले पदार्थों की समस्या और अपने बेटे की नशे की लत को लेकर सवाल उठाए थे। इसके बाद परिवार की ओर से आरोप लगाया गया कि उन पर माफी मांगने के लिए दबाव बनाया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच का विषय है।
रिपोर्टों के मुताबिक, गुलजार सिंह ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ निगल लिया था और उपचार के दौरान लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के बाद परिवार और विपक्षी दलों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। पुलिस ने गांव की सरपंच, उसके पति और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है।
इस बीच, एन.सी.एस.सी. ने संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत मामले में हस्तक्षेप करते हुए पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है। आयोग ने दोनों से मामले के तथ्यों तथा लगाए गए आरोपों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट नोटिस प्राप्त होने के पांच दिनों के भीतर प्रस्तुत करने को कहा है। आयोग ने यह कार्रवाई पंजाब भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक शीतल अंगुराल की शिकायत के आधार पर शुरू की है।
एन.सी.एस.सी अध्यक्ष किशोर मकवाना ने मामले को अत्यंत गंभीर और संवेदनशील बताते हुए कहा है कि मृत्यु से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में एक मंत्री और ग्राम पंचायत के कुछ सदस्यों पर नाम लेकर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष, स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य आरोपों की वास्तविकता का पता लगाना, मृतक के परिवार को न्याय दिलाना और अनुसूचित जाति के सदस्यों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है।
मामले ने राजनीतिक स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रिया पैदा की है। विपक्षी दलों ने पंजाब सरकार और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है, जबकि सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने विपक्ष पर मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और उन्हें इस मामले में आरोपी बनाए जाने की पुष्टि उपलब्ध आधिकारिक NCSC जानकारी में नहीं है।
आज एन.सी.एस.सी अध्यक्ष का तूर बनजारा दौरा इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके परिवार से मिलने और स्थानीय स्तर पर तथ्यों की जानकारी लेने के बाद जांच की दिशा और आयोग की अगली कार्रवाई पर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। आयोग की ओर से पंजाब सरकार से मांगी गई रिपोर्ट भी मामले में प्रशासनिक कार्रवाई और आरोपों की स्थिति स्पष्ट करने में अहम होगी।






