लुधियाना, 12 सितंबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): गुरु अंगद देव वेटरनरी एवं एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना ने युवा वेटरनरी डॉक्टरों को पशु मूल्यांकन की कला एवं विज्ञान में प्रशिक्षण देने तथा पशुओं के चयन और नस्ल सुधार में इसके महत्व को उजागर करने के उद्देश्य से एक ‘पशु मूल्यांकन प्रतियोगिता’ आयोजित की।
इस प्रतियोगिता में भारी उत्साह देखने को मिला, जिसमें 19 टीमों ने भाग लिया और कुल 57 अंडरग्रेजुएट एवं पोस्टग्रेजुएट विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रत्येक टीम ने मुर्रा भैंसों, नीली-रावी भैंसों और होल्सटीन फ्रीजियन (HF) पशुओं का मूल्यांकन किया। इसके लिए नस्ल-विशिष्ट स्कोर कार्ड का इस्तेमाल किया गया, जिन्हें एक विचार-विमर्श सत्र के दौरान प्राप्त सुझावों के आधार पर तैयार किया गया था। इन स्कोर कार्ड में नस्ल-विशिष्ट विशेषताओं और मूल्यांकन के मानदंड शामिल थे, जिससे प्रतिभागियों को पशुओं का व्यवस्थित तरीके से मूल्यांकन और अंक प्रदान करने में मदद मिली।
इस व्यावहारिक अभ्यास ने विद्यार्थियों को नस्ल की विशेषताओं और पशुओं की शारीरिक बनावट से संबंधित अपने ज्ञान को प्रयोग में लाने का अवसर दिया। साथ ही, इससे उनके निरीक्षण, तुलनात्मक मूल्यांकन और निर्णय लेने के कौशल को विकसित करने में भी मदद मिली।

डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल, उप-कुलपति ने आयोजक टीम के प्रयासों की सराहना की और कहा कि कुशल पशु मूल्यांकन विशेषज्ञों की टीम तैयार करने की दिशा में उठाया गया यह कदम उच्च क्षमता वाले पशुओं के चयन और नस्ल सुधार में योगदान देने के लिए बेहद लाभदायक साबित हो सकता है।
डॉ. रविंदर सिंह ग्रेवाल, प्रसार शिक्षा निदेशक ने कहा कि प्रजनन और उत्पादन के उद्देश्यों के लिए आवश्यक गुणों वाले पशुओं की पहचान करने में पशु मूल्यांकन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को पशुओं के मूल्यांकन का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती हैं और उन्हें सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में मदद करती हैं, जिससे पशुओं की नस्लों के आनुवंशिक चयन और सुधार में योगदान मिलता है।
इस प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को कक्षा की पढ़ाई से अलग मूल्यवान व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा तथा पेशेवर कौशल सीखने की भावना को प्रोत्साहित किया। यह कार्यक्रम शिक्षकों की एक समर्पित टीम की निगरानी में आयोजित किया गया, जिन्होंने इसके सुचारू संचालन के लिए सभी व्यवस्थाओं का समन्वय किया।
विजेता टीमों को विश्वविद्यालय द्वारा 18-19 सितंबर, 2026 को आयोजित किए जाने वाले पशुपालन मेले के दौरान सम्मानित किया जाएगा।






