कुरुक्षेत्र, 13 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कुरुक्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोटर दुर्घटना दावा मामले का आपसी सहमति से सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। इस समझौते से मृतक के आश्रित परिवार को समय पर आर्थिक राहत मिली तथा लंबे समय तक चलने वाले मुकदमे से भी राहत मिली।
मामला 03 दिसंबर 2025 को रात करीब 10 बजे कैथल सिटी थाना क्षेत्र, जिला कैथल में हुई एक दर्दनाक सडक़ दुर्घटना से संबंधित था। दुर्घटना में लगभग 35 वर्षीय श्री विजेंद्र कुमार को गंभीर चोटें आईं। उन्हें सिविल अस्पताल, कैथल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक कौशल रोजगार के तहत सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत थे तथा अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।
मृतक अपने पीछे पत्नी, तीन नाबालिग बेटियां, एक नाबालिग बेटा तथा वृद्ध माता-पिता को छोड़ गए, जो सभी उन पर आश्रित थे। मृतक के कानूनी वारिसों द्वारा 60 लाख रुपये के मुआवजे की मांग करते हुए मोटर दुर्घटना दावा याचिका दायर की गई थी। दुर्घटना में शामिल वाहन का बीमा यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के पास था।
राष्ट्रीय लोक अदालत की कार्यवाही के दौरान पक्षकारों के बीच सौहार्दपूर्ण समझौता करवाने के लिए गंभीर एवं सार्थक प्रयास किए गए। मामला माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कुरुक्षेत्र, जो राष्ट्रीय लोक अदालत के पीठासीन अधिकारी थे, के समक्ष लिया गया। पीठासीन अधिकारी के सक्रिय प्रयासों तथा दोनों पक्षों की सहमति से मामले का 37,50,000 रुपये में आपसी समझौते के आधार पर निपटारा कर दिया गया।
समझौते की शर्तों के अनुसार यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को याचिकाकर्ताओं/दावेदारों को 37.50 लाख रुपये की मुआवजा राशि का भुगतान करने के निर्देश दिए गए।
इस समझौते से मृतक के परिवार को समय पर महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता प्राप्त हुई तथा मामले का सौहार्दपूर्ण ढंग से अंत हुआ। साथ ही, पक्षकारों को लंबी कानूनी प्रक्रिया में होने वाली देरी, खर्च और अनिश्चितता से भी बचाया गया।






