Tuesday, September 29, 2026
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यूके के बाजार में हरियाणा के टेक्सटाइल, फुटवियर, रत्न-आभूषण और इंजीनियरिंग क्षेत्र के लिए खुलेंगे नए अवसर: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

गुरुग्राम, 15 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत-यूके सी.ई.टी.ए. हरियाणा के लिए वैश्विक व्यापार के नए अवसर खोलने वाला महत्वपूर्ण समझौता है। इससे प्रदेश के टेक्सटाइल, फुटवियर, रत्न एवं आभूषण तथा इंजीनियरिंग जैसे प्रमुख क्षेत्रों को यूके के बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी। यह समझौता हरियाणा के युवाओं, किसानों, एमएसएमई और स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों और नई तकनीकों से जोड़कर विकास के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी सोमवार को गुरुग्राम स्थित विश्वविद्यालय में ‘हरियाणा-यूके सी.ई.टी.ए. ट्रेड ब्रिज: अनलॉकिंग ग्लोबल अपॉर्च्युनिटीज फॉर हरियाणा’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन यूके हाई कमीशन के सहयोग से किया गया। उन्होंने यूके से आए ब्रिटिश हाई कमीशन के प्रतिनिधियों, विदेशी मित्रों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निवेशकों और अन्य साझेदारों का हरियाणा की कर्मभूमि पर स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और यूके के संबंध वर्षों पुरानी साझेदारी, लोकतांत्रिक मूल्यों, नवाचार और मजबूत जन-से-जन संपर्क पर आधारित हैं। हजारों हरियाणवी परिवारों सहित लाखों प्रवासी भारतीयों ने यूके के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, वहीं ब्रिटिश संस्थाओं ने भी हरियाणा की विकास यात्रा में विश्वसनीय साझेदार की भूमिका निभाई है।

2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा हरियाणा

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत वैश्विक निवेशकों के लिए एक विश्वसनीय गंतव्य बन चुका है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2047 में भारत की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे और उसी समय भारत-यूके संबंधों के भी 100 वर्ष पूरे हो रहे होंगे। इस राष्ट्रीय संकल्प के साथ हरियाणा ने देश की अर्थव्यवस्था में एक ट्रिलियन डॉलर का योगदान देने का ऐतिहासिक लक्ष्य तय किया है।

उन्होंने कहा कि आगामी 1 नवंबर को हरियाणा अपनी स्थापना के 60 गौरवपूर्ण वर्ष पूरे करने जा रहा है। ये छह दशक किसानों की मेहनत, मजदूरों के पसीने और उद्यमियों की दूरदर्शिता के गवाह हैं।

2016 की सफलता के बाद 2027 में फिर होगा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक पड़ाव पर अगले वर्ष 5 से 7 अप्रैल, 2027 तक ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027’ का आयोजन किया जाएगा। इससे पहले वर्ष 2016 में आयोजित समिट में 6 लाख 41 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे।

उन्होंने बताया कि गत 23 और 24 अगस्त को मुंबई से ‘हैपनिंग हरियाणा 2.0’ अंतरराष्ट्रीय आउटरीच अभियान की शुरुआत की गई। मुंबई में 17 कंपनियों के साथ 66 हजार करोड़ रुपये से अधिक के समझौते (एमओयू) हुए। इस दौरान 200 से अधिक प्रमुख बिजनेस लीडर्स, उद्यमियों और हरियाणवी डायस्पोरा सदस्यों के साथ संवाद किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के प्रचार-प्रसार के लिए देश के सात प्रमुख शहरों और जापान, दक्षिण कोरिया, दावोस, जर्मनी, यूके, ब्राजील, चिली और दुबई जैसे दुनिया के नौ प्रमुख आर्थिक केंद्रों में रोड शो आयोजित किए जाएंगे।

भविष्य के उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 10 क्षेत्र-विशेष नीतियां

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई, डेटा सेंटर, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, एग्रीबिजनेस और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे भविष्य के उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने हाल ही में 10 क्षेत्र-विशेष नीतियां लागू की हैं।

राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030-31 तक 5 लाख करोड़ रुपये का नया निवेश आकर्षित करना और 10 लाख से अधिक रोजगार पैदा करना है। इन नीतियों की शुरुआत के पहले ही दिन 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये के 110 एमओयू हुए, जिनमें 24 हजार 350 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश शामिल है।

एमएसएमई और निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा ने एमएसएमई और निर्यात क्षेत्र के लिए 60 परिवर्तनकारी पहल की हैं। फरवरी 2019 में पहली एमएसएमई नीति लागू किए जाने के बाद प्रदेश में 15 लाख से अधिक एमएसएमई का औपचारिक पंजीकरण हुआ है।

अब ‘हरियाणा प्रोग्रेसिव एमएसएमई एंड एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026’ लाई गई है। इसके तहत 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करने, 5 लाख से अधिक नए रोजगार पैदा करने और प्रदेश के निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के महज 2 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में होने के बावजूद हरियाणा देश की सबसे गतिशील अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभरा है। मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमोटिव सेक्टर से लेकर टेक्नोलॉजी, नवाचार और कृषि तक प्रदेश ने नए आयाम स्थापित किए हैं। गुरुग्राम आज भारत के प्रमुख व्यावसायिक, तकनीकी और ग्लोबल सर्विस सेंटरों में शामिल है।

उन्होंने कहा कि यह बदलाव संयोग नहीं है, बल्कि वर्ष 2014 से उद्योग जगत के साथ लगातार सीधे संवाद, किसानों की मेहनत, युवाओं की ऊर्जा और निवेशकों के अटूट विश्वास का परिणाम है।

‘गो ग्लोबल’ विजन के तहत विदेश सहयोग विभाग निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्लोबल सप्लाई चेन के पुनर्गठन को ध्यान में रखते हुए हरियाणा ने ‘गो ग्लोबल’ का दूरदर्शी विजन अपनाया है। भारत-यूके सी.ई.टी.ए. इस दिशा में एक मील का पत्थर है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक निवेश और व्यापार को गति देने तथा भारत-यूके सी.ई.टी.ए. जैसे समझौतों को सुचारू रूप से लागू करने के लिए हरियाणा सरकार ने वर्ष 2020 में विदेश सहयोग विभाग का गठन किया था। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद सभी वैश्विक साझेदारों को इस विभाग का अधिक से अधिक उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह विभाग हरियाणा में व्यापार के विस्तार से जुड़ी जरूरतों के समाधान में सहयोग करेगा।

अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में शामिल होने का निमंत्रण

मुख्यमंत्री ने हरियाणा को भगवान श्री कृष्ण की कर्मभूमि और पवित्र गीता की धरती बताते हुए कार्यक्रम में मौजूद सभी वैश्विक साझेदारों को ‘अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव-2026’ में शामिल होने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि व्यापार और निवेश के साथ-साथ हरियाणा की आध्यात्मिक और दार्शनिक विरासत से जुड़ने का भी यह अवसर है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने यूके से आए प्रतिनिधिमंडल, ब्रिटिश हाई कमीशन, निवेशकों और कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिनिधियों का धन्यवाद करते हुए विश्वास जताया कि यह संवाद हरियाणा और यूके के संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा तथा साझा समृद्धि और समावेशी विकास के नए दौर की शुरुआत करेगा।

हरियाणा-यूके साझेदारी को नई ऊंचाई देने का समय, ‘कम टू हरियाणा, इन्वेस्ट इन हरियाणा, पार्टनर विद हरियाणा’: राव नरबीर सिंह

हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा और यूनाइटेड किंगडम के बीच व्यापार, निवेश, शिक्षा और आपसी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में ‘हरियाणा-यूके ट्रेड ब्रिज’ एक महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने कहा कि भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते से हरियाणा के कारोबारियों, निवेशकों, शिक्षण संस्थानों, स्टार्टअप्स, किसानों और युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे तथा व्यापार और निवेश को नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है और हरियाणा भी ‘हरियाणा विजन-2047’ के माध्यम से आर्थिक विकास, नवाचार, निवेश, सतत विकास और रोजगार सृजन में सक्रिय योगदान दे रहा है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा आज देश का अग्रणी राज्य है और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में प्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। हरियाणा की औद्योगिक क्षमता और यूके की तकनीकी एवं कारोबारी विशेषज्ञता का संगम नए अवसरों के द्वार खोल सकता है।

श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल व्यापार बढ़ाना नहीं, बल्कि निवेश को प्रोत्साहित करना, तकनीकी साझेदारी विकसित करना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना और हरियाणा के कारोबारियों को वैश्विक बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा का युवा आज केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि उद्यमी, नवाचारी और रोजगार सृजक बनने की क्षमता रखता है। हरियाणा सरकार चाहती है कि प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग और स्टार्टअप अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बनाएं और यूके की कंपनियां हरियाणा में निवेश करके यहां की प्रतिभा के साथ मिलकर नए समाधान विकसित करें।

यूके के उद्योग जगत और निवेशकों को आमंत्रित करते हुए उन्होंने कहा— “कम टू हरियाणा, इन्वेस्ट इन हरियाणा, पार्टनर विद हरियाणा।” उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों का साझा प्रयास ऐसा मजबूत सेतु तैयार करेगा, जो केवल हरियाणा और यूके को ही नहीं, बल्कि विचारों, निवेश, नवाचार और अवसरों को भी आपस में जोड़ेगा।

सी.ई.टी.ए. हरियाणा-यूके आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने का मंच: ब्रिटिश उप उच्चायुक्त सुश्री अल्बा समेरिग्लियो

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रिटिश उप उच्चायुक्त (चंडीगढ़) सुश्री अल्बा समेरिग्लियो ने कहा कि हरियाणा और यूके के बीच व्यापार, निवेश, नवाचार और शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत संबंध हैं। भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सी.ई.टी.ए.) इन संबंधों को नई ऊंचाई देने का महत्वपूर्ण अवसर है।

उन्होंने कहा कि सी.ई.टी.ए. की सफलता इससे बनने वाली नई व्यापारिक साझेदारियों, निवेश, बढ़ते व्यापार और रोजगार के अवसरों से तय होगी।

उन्होंने कहा कि हरियाणा की विनिर्माण, कृषि, तकनीक और सेवा क्षेत्र की क्षमताएं तथा यूके की नवाचार, उन्नत विनिर्माण, वित्तीय सेवाओं, शिक्षा और अनुसंधान संबंधी विशेषज्ञता एक-दूसरे की पूरक हैं। मानेसर, फरीदाबाद, गुरुग्राम और पानीपत जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों के माध्यम से हरियाणा यूके के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग के व्यापक अवसर उपलब्ध कराता है।

उन्होंने कहा कि सी.ई.टी.ए. से हरियाणा के विनिर्माण, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और कपड़ा उद्योगों को यूके के बाजार में विस्तार के अवसर मिलेंगे, वहीं यूके की कंपनियों के लिए हरियाणा में निवेश और साझेदारी की नई संभावनाएं खुलेंगी। उन्होंने कहा कि यूके सरकार हरियाणा सरकार, उद्योग, शिक्षण संस्थानों और कारोबारियों के साथ मिलकर व्यापार, निवेश, तकनीक, शिक्षा और कौशल विकास में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

सी.ई.टी.ए. के दो महीनों में हरियाणा ने निर्यात ऑर्डर, निवेश और रोजगार के अवसरों को गति दी: पवन चौधरी

हरियाणा के विदेश सहयोग विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री पवन चौधरी ने कहा कि 15 जुलाई को भारत-यूके सी.ई.टी.ए. लागू होने के बाद करीब दो महीनों में हरियाणा इसे वास्तविक निर्यात ऑर्डर, निवेश और नए रोजगार के अवसरों में बदलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि सी.ई.टी.ए. हरियाणा के लिए वैश्विक बाजारों से जुड़ने और प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को नए अवसरों में बदलने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा आज करीब 154 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था है और लगभग 11 प्रतिशत की विकास दर से आगे बढ़ रहा है। राज्य देश की आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। ऑटोमोबाइल, विनिर्माण, डिजिटल सेवाओं और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के क्षेत्र में हरियाणा ने मजबूत पहचान बनाई है। गुरुग्राम में देश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और बीपीओ की बड़ी मौजूदगी है।

श्री पवन चौधरी ने कहा कि हरियाणा का निर्यात वर्ष 2019-20 में करीब 12 अरब डॉलर से बढ़कर 2025-26 में 19 अरब डॉलर हो गया है। वहीं प्रदेश में 12,271 स्टार्टअप पंजीकृत हैं, जिनमें 11,500 से अधिक को डीपीआईआईटी और स्टार्टअप इंडिया के तहत मान्यता प्राप्त है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था, पारदर्शिता और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल ने हरियाणा को निवेश और कारोबार के लिए एक मजबूत गंतव्य बनाया है।

उन्होंने कहा कि भारत-यूके सी.ई.टी.ए. के माध्यम से अब हरियाणा के उद्योगों, निर्यातकों, स्टार्टअप्स और निवेशकों के लिए यूके के बाजार में नए अवसर खुलेंगे। राज्य सरकार का प्रयास है कि इन अवसरों को केवल समझौते तक सीमित न रखा जाए, बल्कि वास्तविक कारोबार, निवेश और रोजगार में बदला जाए।

मुख्यमंत्री ने अत्याधुनिक उत्पादों की प्रदर्शनी का किया अवलोकन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने ब्रिटिश उप उच्चायुक्त (चंडीगढ़) सुश्री अल्बा समेरिग्लियो के साथ हरियाणा और यूके के बीच व्यापारिक एवं औद्योगिक सहयोग को और गति देने तथा वैश्विक बाजार में नई संभावनाओं की तलाश के उद्देश्य से आयोजन स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने हांसी स्थित खांडेवाला के कृषि उत्पाद, टेलीकॉम क्षेत्र की कंपनी रेडियो डिजाइन के उपकरण तथा रेंज रोवर, टाटा और महिंद्रा के वाणिज्यिक एवं घरेलू इलेक्ट्रिक वाहनों और जेसीबी के प्रदर्शित उत्पादों एवं आधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी ली।

हरियाणा में यूके की कंपनियों की सफलता की कहानियों से साझा किए गए कारोबारी अनुभव

कार्यक्रम के दौरान हरियाणा में सफलतापूर्वक कार्य कर रही यूके की कंपनियों और संस्थाओं की सफलता की कहानियां भी प्रस्तुत की गईं। इस दौरान एचएसबीसी के राघव हांडा, जेसीबी के सुनील खुराना, रेडियो डिजाइन के गौरव चौहान और यूनिवर्सिटी ऑफ साउथेम्पटन के एलियोस फिलिप्स ने हरियाणा में अपने संस्थानों की कारोबारी एवं संस्थागत यात्रा तथा यहां मिले अवसरों और अपने अनुभवों को साझा किया।

उन्होंने प्रदेश के औद्योगिक माहौल, उपलब्ध प्रतिभा और निवेश की संभावनाओं पर अपने विचार रखते हुए बताया कि हरियाणा में यूके की कंपनियों के लिए कारोबार और विस्तार की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। प्रतिनिधियों के अनुभवों ने हरियाणा और यूके के बीच व्यापारिक, औद्योगिक और शैक्षणिक सहयोग को और मजबूत करने तथा भविष्य में साझेदारी के नए अवसर तलाशने की संभावनाओं को उजागर किया।

कार्यक्रम में भारत सरकार के वाणिज्य विभाग में संयुक्त सचिव श्री साकेत कुमार, पटौदी की विधायक श्रीमती बिमला चौधरी, हरियाणा के विदेश सहयोग विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक मीणा, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री अजय कुमार, गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजय कौशिक, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।

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