15 सितंबर, 2026 (जगजीत सिंह): गंभीर लकवे या ए.एल.एस. से जूझ रहे लोगों के लिए वैज्ञानिकों ने संवाद की नई तकनीक विकसित की है। Nature Neuroscience में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, एक नया ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) मस्तिष्क के विद्युत संकेतों से व्यक्ति की बोलने और इशारे करने की मंशा को एक साथ पहचान सकता है।
इस तकनीक में मस्तिष्क के सेंसरिमोटर कॉर्टेक्स पर लगाए गए 253 इलेक्ट्रोड से तंत्रिका संकेत रिकॉर्ड किए गए। इसके बाद ए.आई. मॉडल ने इन संकेतों को शब्दों और शारीरिक हाव-भाव में बदला।
दो मरीजों पर किए गए परीक्षण में सिस्टम ने भाषण के साथ हाथ हिलाने, सिर हिलाने और अंगूठा ऊपर करने जैसे इशारों को भी पहचान लिया। स्क्रीन पर इसका परिणाम टेक्स्ट के साथ फुल-बॉडी डिजिटल अवतार के जरिए दिखाया गया।
शोधकर्ताओं के अनुसार, यह तकनीक उन मरीजों के लिए भविष्य में बेहद उपयोगी हो सकती है जो बोलने और शरीर को नियंत्रित करने में असमर्थ हैं।






