कुरुक्षेत्र 19 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): महानिदेशक आयुष हरियाणा के दिशा-निर्देशानुसार जिले में चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ मंजू शर्मा के मार्गदर्शन में आयुष विभाग द्वारा विभिन्न स्वास्थ्य एवं योग गतिविधियों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन को आयुष चिकित्सा पद्धतियों, स्वस्थ दिनचर्या, योग एवं निवारक स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूक करना रहा।
आयुष विंग एलएनजेपी अस्पताल कुरुक्षेत्र में आयुर्वेद एवं होम्योपैथी का नि:शुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। शिविर का शुभारंभ जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. मंजू शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर डॉ. आरुषि ने स्वस्थ जीवनशैली पर व्याख्यान देते हुए संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या एवं स्वास्थ्य संरक्षण की जानकारी दी। योग विशेषज्ञ मनजीत ने प्रतिभागियों को विभिन्न योग मुद्राओं, सूक्ष्म व्यायाम, आसन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। शिविर में डॉ. चारू, डॉ. शुभम, आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट अभिमन्यु, होम्योपैथिक फार्मासिस्ट साल्विया, जसविंदर, अभिनव एवं पिंकी सहित भारी संख्या में आमजन मौजूद रहे। इसी क्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरोट में आयोजित निशुल्क आयुर्वेदिक शिविर में कुल 54 मरीजों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुए इस शिविर में आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. भावना ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर चिकित्सीय परामर्श दिया।

शिविर में डॉ. भावना ने दिनचर्या, ऋतुचर्या तथा महिला मरीजों को विशेष रूप से सूतिका परिचर्या (प्रसवोत्तर देखभाल) के बारे में विस्तार से जागरूक किया। आयुष योग सहायक अमृता ने औषधियों का वितरण किया तथा योग सत्र का संचालन करते हुए सूक्ष्म व्यायाम, भुजंगासन, उष्ट्रासन एवं अनुलोम-विलोम प्राणायाम का अभ्यास करवाया। योगशाला मथाना में आयोजित योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम में ब्लॉक समिति सदस्य करम सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान ग्राम वासियों एवं योग साधकों को नियमित योग व प्राणायाम के माध्यम से निरोगी रहने के लिए प्रेरित किया गया। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. मंजू शर्मा ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान का मुख्य उद्देश्य आयुर्वेद और योग के माध्यम से सेवा के साथ स्वास्थ्य, योग के साथ निरोगता का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। आज की आपाधापी भरी जिंदगी में प्राकृतिक और संतुलित जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी हो गया है। आयुष पद्धतियां न केवल बीमारियों के उपचार में कारगर हैं, बल्कि ये शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर बीमारियों को दूर रखने में भी सक्षम हैं। विभाग का निरंतर प्रयास है कि जिले के प्रत्येक नागरिक तक इन नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाओं, योग अभ्यासों और निवारक देखभाल की जानकारी पहुंचे।






