संगरूर, 21 सितंबर, 2026 (बलजीत सरना): आज संगरूर के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) कार्यालय के मुख्य गेट पर उस समय हड़कंप मच गया, जब जगसीर सिंह नामक एक व्यक्ति ने कार्यालय में दाखिल होते ही जहरीली दवा निगलकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। इस दौरान उसके साथ आए गांव नमोल निवासी साथी मनजिंदर सिंह ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए उसके हाथ से दवा छीनकर दूर फेंक दी, लेकिन तब तक जगसीर सिंह काफी मात्रा में जहरीली दवा निगल चुका था।
घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी संगरूर सीडी के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गंभीर हालत में जगसीर सिंह को संगरूर के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे पटियाला के राजिंदरा अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
चिट्टे के तस्करों की शिकायत करने पर नहीं हुई कार्रवाई: मनजिंदर सिंह
बातचीत के दौरान जगसीर सिंह के साथी मनजिंदर सिंह ने बताया कि जगसीर के घर के पास 4-5 ऐसे घर हैं, जहां कथित तौर पर खुलेआम चिट्टे और अवैध शराब का कारोबार किया जाता है। उन्होंने बताया कि जगसीर के पास इन लोगों द्वारा नशा बेचने की वीडियो भी मौजूद हैं।
मनजिंदर सिंह के अनुसार, जब जगसीर ने इस संबंध में मौजूदा सरपंच से शिकायत की तो कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके उलट, कथित नशा तस्करों ने जगसीर के घर में घुसकर उस पर और उसके परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने उसके घर का गेट और कैमरे भी तोड़ दिए, जबकि उसके परिवार के सदस्य भी घायल हो गए।
मनजिंदर सिंह ने कहा, “हमने पुलिस को सभी अर्जियां दी हुई हैं, लेकिन अभी तक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।”
घटना के बारे में बताते हुए मनजिंदर सिंह ने कहा, “जगसीर ने जहरीली दवा हाथ में पकड़ी हुई थी। मेरा ध्यान एक पल के लिए भटक गया और उसने दवा पी ली। मैंने तुरंत बोतल छीनकर दूर फेंक दी, लेकिन तब तक वह काफी मात्रा में दवा पी चुका था।”
पुलिस ने कैमरे पर बोलने से किया इनकार
जब इस पूरे मामले और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सिटी एसएचओ, संगरूर से बातचीत करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है। उन्होंने कैमरे के सामने इस संबंध में कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया।






