अंतर-जिला पुनः तैनाती को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी
चंडीगढ़, 23 सितंबर 2026 (संजीव शर्मा): राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, हरियाणा के अनुबंधित कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार ने अंतर-जिला पुनः तैनाती (Inter-District Re-deployment) को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एनएचएम हरियाणा के मिशन निदेशक डॉ. आर. एस. ढिल्लों ने बताया कि स्टेट हेल्थ सोसायटी हरियाणा की कार्यकारी समिति को अनुबंध कर्मचारियों की सेवा नियमावली 2018 के क्लॉज 22 (छूट देने का अधिकार) और क्लॉज 12 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी से यह निर्णय लिया गया है।
इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य वास्तविक कठिनाइयों का सामना कर रहे कर्मचारियों को एक पारदर्शी, नियमबद्ध और ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से अंतर-जिला तबादले या पुनः तैनाती का लाभ प्रदान करना है।
डॉ. ढिल्लों ने बताया कि इस नई नीति के तहत केवल उन्हीं आवेदनों पर विचार किया जाएगा, जो निर्धारित दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन जमा किए जाएंगे। अधूरे आवेदनों को खारिज कर दिया जाएगा। पुनः तैनाती की सुविधा पांच प्रमुख श्रेणियों के कर्मचारियों को मिलेगी। इनमें गंभीर क्रॉनिक या जानलेवा बीमारी अथवा दिव्यांगता से पीड़ित कर्मचारी, नाबालिग बच्चों की देखभाल कर रहे एकल माता-पिता (सिंगल पैरेंट), 35 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिला कर्मचारी, निःसंतान विधवाएं, तलाकशुदा या कानूनी रूप से अलग रह रही महिलाएं शामिल हैं।
इसके अलावा, यदि कर्मचारी के आश्रित पति-पत्नी, बच्चे या माता-पिता गंभीर दिव्यांगता, ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी या मानसिक बीमारी से पीड़ित हैं, या फिर पति-पत्नी में से कोई एक हरियाणा के किसी अन्य जिले अथवा चंडीगढ़ में कार्यरत है, तो वे भी इस राहत के पात्र होंगे।
मिशन निदेशक ने स्पष्ट किया कि इस पुनः तैनाती से कर्मचारियों की सेवा निरंतरता, कर्मचारी भविष्य निधि सदस्यता या मिलने वाले अन्य सेवा लाभों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। इन सभी की गणना एनएचएम हरियाणा के तहत उनकी मूल नियुक्ति की तारीख से ही जारी रहेगी।
उन्होंने बताया कि हालांकि, पूरे अनुबंध कार्यकाल के दौरान पुनः तैनाती का अवसर केवल एक बार ही दिया जाएगा, भले ही बाद में परिस्थितियां बदल जाएं। इसके अलावा, इस व्यवस्था से अनुबंध की प्रकृति, पारिश्रमिक, सेवा शर्तों या नवीनीकरण की शर्तों में कोई बदलाव नहीं होगा।






