Monday, September 28, 2026
HomeHaryanaमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पंजाब और हरियाणा के उद्योगपतियों को आह्वान

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पंजाब और हरियाणा के उद्योगपतियों को आह्वान

पंजाब के पटियाला जिले के दौलतपुर में जी.एस.ए. इंडस्ट्रीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नए औद्योगिक प्लांट के शिलान्यास समारोह में किया संबोधन

चंडीगढ़, 24 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब और हरियाणा के उद्योगपतियों का आह्वान किया कि वे कौशल, तकनीक और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएं। हमारे संयुक्त प्रयास इस पूरे क्षेत्र को उत्पादन, नवाचार और रोजगार का मजबूत केंद्र बना सकते हैं।

श्री सैनी बुधवार को पंजाब के पटियाला जिले के दौलतपुर में जी.एस.ए. इंडस्ट्रीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नए औद्योगिक संयंत्र के भूमि पूजन एवं शिलान्यास समारोह में संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर राधा स्वामी डेरा ब्यास के आध्यात्मिक प्रमुख सरदार गुरिंदर सिंह ढिल्लों, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीमती परनीत कौर, जी.एस.ए. इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक श्री जतिंदर पाल सैनी, पंजाब भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष बीबी जयइंदर कौर, पटियाला जिला भाजपा अध्यक्ष सरदार जसपाल सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जी.एस.ए. समूह की औद्योगिक विकास यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि पंजाब की धरती से शुरू होकर दुनिया के बाजारों तक पहुंची जी.एस.ए. इंडस्ट्रीज की यात्रा इस बात का उदाहरण है कि भारतीय उद्यमिता, तकनीक और मेहनत मिलकर रोजगार पैदा कर सकती है, किसानों को मजबूत बना सकती है और भारत को वैश्विक विनिर्माण हब बनाने में योगदान दे सकती है।

उन्होंने इस समारोह के संदेश ‘Making India Stronger Through Manufacturing’ को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि यह संदेश प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के विजन को साकार करने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि देश की क्षमता तब बढ़ती है, जब उसके कारखानों में उत्पादन बढ़ता है, युवाओं का कौशल निखरता है और देश में बने उत्पाद दुनिया का विश्वास जीतते हैं।

श्री नायब सिंह सैनी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के आह्वान का मूल भाव अपनी क्षमताओं को विकसित करना है। हमें अपने युवाओं की प्रतिभा को अवसर देना है, अपने उद्यमों को नई तकनीक से जोड़ना है और भारत में निर्मित उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना है। वर्ष 2047 के विकसित भारत का संकल्प ऐसे ठोस प्रयासों से ही साकार होगा।

मुख्यमंत्री ने दोनों राज्यों के भाईचारे का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी सांस्कृतिक साझेदारी, कृषि, परिवार और मेहनत की परंपरा एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। यदि पंजाब का उद्यम आगे बढ़ता है तो उसकी संभावनाएं हरियाणा तक पहुंचती हैं और यदि हरियाणा का उद्योग बढ़ता है तो पंजाब के कारोबारियों और युवाओं के लिए भी अवसर पैदा होते हैं। हमारी साझा ताकत पूरे उत्तर भारत की प्रगति को गति दे सकती है।

उन्होंने विनिर्माण से जुड़े उद्योगपतियों और कर्मचारियों का भी आह्वान किया कि आइए, हम सभी मिलकर उत्कृष्टता का संकल्प लें। यहां तैयार होने वाला हर उत्पाद अपनी गुणवत्ता के कारण विदेशों में भी पसंद किया जाए, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का विश्वास और मजबूत हो सके।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments