कुरुक्षेत्र 24 सितंबर,2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में वीरवार को गीता ज्ञान संस्थानम, कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 के आयोजन को लेकर कुरुक्षेत्र की धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने महोत्सव के आयोजन को लेकर अपने सुझाव एवं विचार मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। मुख्यमंत्री ने सभी संस्थाओं से मिलकर महोत्सव को भव्य, गरिमापूर्ण और जनभागीदारी से युक्त बनाने का आह्वान किया।
गीता जीवन के संघर्षों में प्रकाश देने वाला ग्रंथ:मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला संदेश है। महात्मा गांधी के गीता संबंधी विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गांधी जी गीता को जीवन की कठिन परिस्थितियों और संघर्षों में मार्गदर्शन एवं सांत्वना देने वाला ग्रंथ मानते थे। इसी प्रकार लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने गीता के कर्मयोग पर विशेष बल देते हुए कर्तव्य के प्रति निष्ठा और कर्म करते रहने का संदेश दिया। श्री अरविंद के विचारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता का संदेश जीवन से विमुख होने का नहीं, बल्कि कर्म और अध्यात्म चेतना के माध्यम से जीवन को बेहतर दिशा देने का है। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के माध्यम से गीता के इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास होना चाहिए। महोत्सव की प्रत्येक गतिविधि में गीता का संदेश केंद्र में रहे और यहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति कुरुक्षेत्र की संस्कृति तथा गीता के संदेश को अपने साथ लेकर लौटे।
स्वच्छ कुरुक्षेत्र, पवित्र कुरुक्षेत्र बने सामूहिक संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र का वातावरण गीता की भूमि की गरिमा के अनुरूप स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित रहे, इसके लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने स्वच्छ कुरुक्षेत्र, पवित्र कुरुक्षेत्र को सामूहिक संकल्प बनाने का आह्वान किया। मंदिरों, आश्रमों, धर्मशालाओं, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने तथा प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने में सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का स्वागत अतिथि देवो भव: की भावना से किया जाए, ताकि प्रत्येक आगंतुक को कुरुक्षेत्र में अपनत्व और सम्मान का अनुभव हो।

महाभारत कालीन थीम पर विकसित होंगे कुरुक्षेत्र के चौक
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र के सभी प्रमुख चौकों को महाभारत कालीन थीम पर विकसित किया जाएगा। इससे शहर के विभिन्न हिस्सों में कुरुक्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित किया जा सकेगा। प्रयास है कि पूरी कुरुक्षेत्र नगरी गीता और भगवान श्रीकृष्ण की नगरी के भाव को प्रतिबिंबित करे। मुख्यमंत्री ने धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं से अपने-अपने स्तर पर महोत्सव की तैयारियों में सहयोग करने तथा अपने सुझाव प्रशासन के साथ साझा करने का आह्वान किया। संस्थाओं और नागरिकों की सहभागिता से ही महोत्सव को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दिया जा सकता है।

गीता महोत्सव में सद्भावना के साथ सहभागी बनें सभी संस्थाएं:स्वामी ज्ञानानंद महाराज
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि सभी धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाएं सद्भावना के साथ अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव से जुड़ें। इससे तीर्थ, कुरुक्षेत्र और हम सभी का गौरव बढ़ेगा। स्वच्छता अभियान में प्रशासन के साथ-साथ सभी संस्थाओं को भी आगे आकर अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति और संस्था से आग्रह किया कि 18 मिनट गीता के नाम पहल से जुड़ें। गीता के प्रति जागृति का संदेश तभी सार्थक होगा, जब गीता के सूत्र हमारे व्यवहार में भी दिखाई दें। गीता के गौरव को आगे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है और गीता के सूत्रों को अपने जीवन में अपनाने की पहल को महोत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाना चाहिए। इस मौके पर बंसीपूरी महाराज, स्वामी महेश मुनि, स्वामी सतपाल शर्मा, स्वामी साक्षी गोपाल, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता, चेयरमैन सुभाष कलसाना, चेयरमैन गुरनाम सैनी, उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच, चेयरमैन रविंद्र सांगवान, मीडिया कोऑर्डिनेटर तुषार सैनी, चेयरपर्सन कंवलजीत कौर, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, जिलाध्यक्ष रमेश सैनी, नगर पालिका के चेयरमैन आशीष चक्रपाणी, रवि बतान, अवनीत वड़ैच, धर्मवीर मिर्जापुर सहित कुरुक्षेत्र की विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के आध्यात्मिक गुरु, प्रतिनिधि तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।






