Monday, September 28, 2026
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मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा सचिवालय से की ‘सतर्क-हरियाणा’ मोबाइल ऐप की शुरुआत

हरियाणा, 25 सितंबर 2026, (संजीव शर्मा): हरियाणा सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को और अधिक प्रभावी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा सचिवालय से ‘सतर्क-हरियाणा’ मोबाइल ऐप की शुरुआत की। इस ऐप के माध्यम से नागरिक भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत और सूचना सीधे स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (SV & ACB), हरियाणा तक पहुंचा सकेंगे। ऐप में हेल्पलाइन से सीधे जुड़ने, डिजिटल साक्ष्य अपलोड करने, संबंधित जिले के एसीबी अधिकारी की जानकारी एवं लोकेशन प्राप्त करने तथा एफआईआर की प्रति डाउनलोड करने जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

हेल्पलाइन नंबर याद रखने की जरूरत नहीं, एक टच पर एसवी एंड एसीबी से संपर्क

इस मोबाइल ऐप की खासियत यह है कि कई बार नागरिकों को भ्रष्टाचार के बारे में जानकारी तो होती है, लेकिन उन्हें एसवी एंड एसीबी की हेल्पलाइन का नंबर याद नहीं रहता। ‘सतर्क-हरियाणा’ ऐप के माध्यम से इस समस्या का समाधान किया गया है। ऐप में उपलब्ध हेल्पलाइन सुविधा पर सिर्फ एक टच करने से नागरिक सीधे एसवी एंड एसीबी की हेल्पलाइन से जुड़ सकेंगे। इससे उन्हें हेल्पलाइन नंबर याद रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी और आवश्यकता पड़ने पर वे तुरंत संपर्क कर सकेंगे।

कार्रवाई नहीं चाहते तो भी साझा कर सकेंगे भ्रष्टाचार से संबंधित सूचना, जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी

यदि किसी नागरिक के पास भ्रष्टाचार से संबंधित कोई वीडियो, ऑडियो, फोटो या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी है, लेकिन वह तुरंत किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं करवाना चाहता, तो ऐसी सूचना भी ऐप के माध्यम से एसवी एंड एसीबी तक पहुंचाई जा सकेगी। इस दौरान गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इससे भ्रष्टाचार से संबंधित प्राप्त सूचनाओं का एक व्यवस्थित डिजिटल डेटाबेस तैयार करने में मदद मिलेगी। आवश्यकता के अनुसार भविष्य में इन सूचनाओं का विश्लेषण और उपयोग नियमों के अनुसार किया जा सकेगा।

हर जिले की ए.सी.बी. टीम की जानकारी और लोकेशन एक क्लिक पर

नागरिकों की सुविधा के लिए हरियाणा के सभी 23 जिलों को ऐप से जोड़ा गया है। यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे जिले में जाता है और उसे वहां भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत या सूचना देनी हो, तो ऐप में संबंधित जिले का चयन करने पर वहां के एसवी एंड एसीबी प्रभारी का नाम और मोबाइल नंबर उपलब्ध होगा। इसके साथ ही गूगल लोकेशन के माध्यम से संबंधित कार्यालय का स्थान और वहां पहुंचने का रास्ता भी देखा जा सकता है। नागरिक आवश्यकता के अनुसार संबंधित अधिकारी से फोन पर संपर्क करने के साथ-साथ कार्यालय जाकर भी अपनी शिकायत या सूचना दे सकते हैं।

एस.वी. एंड एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी भी उपलब्ध

यदि एसवी एंड एसीबी के किसी अधिकारी या कर्मचारी के सही व्यवहार नहीं करने के संबंध में कोई शिकायत दर्ज करनी हो, तो ऐप में संबंधित वरिष्ठ अधिकारी तक पहुंचने की सुविधा भी उपलब्ध है। अगले विकल्प के माध्यम से संबंधित पुलिस अधीक्षक का नाम, मोबाइल नंबर, कार्यालय की लोकेशन और वहां पहुंचने का रास्ता देखा जा सकता है। इससे नागरिक संबंधित वरिष्ठ अधिकारी से सीधे संपर्क कर अपनी शिकायत या सूचना प्रस्तुत कर सकेंगे।

एफ.आई.आर. की प्रति भी डाउनलोड कर सकेंगे नागरिक, गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है ‘सतर्क-हरियाणा’ ऐप

उन्होंने बताया कि ऐप के माध्यम से नियमों के अनुसार उपलब्ध कराई गई एफआईआर की प्रति भी नागरिक डाउनलोड कर सकेंगे। ‘सतर्क-हरियाणा’ मोबाइल ऐप वर्तमान में गूगल प्ले स्टोर पर ‘सतर्क-हरियाणा’  नाम से उपलब्ध है। जल्द ही ऐप की उपयोगिता और परिणामों को देखते हुए इसे एप्पल ऐप स्टोर पर भी उपलब्ध कराया जाएगा।

तथ्यों पर आधारित और सही सूचना ही अपलोड करने की अपील

एसवी एंड एसीबी प्रमुख डॉ. अर्शिंदर सिंह चावला ने आम लोगों से अपील की कि ‘सतर्क-हरियाणा’ ऐप का उपयोग भ्रष्टाचार से संबंधित सही, वास्तविक और तथ्यों पर आधारित सूचना देने के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि बिना किसी तथ्य या आधार के किसी अधिकारी या कर्मचारी को बदनाम करने के उद्देश्य से अनावश्यक या भ्रामक सूचना अपलोड न की जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत, भ्रामक या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से तैयार की गई फर्जी सामग्री को वास्तविक सूचना के रूप में अपलोड करता है, तो उसके खिलाफ भी नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए नागरिकों से अपील है कि वे ऐप का जिम्मेदारी से उपयोग करें और केवल सही जानकारी ही साझा करें।

डॉ. चावला ने कहा कि ‘सतर्क-हरियाणा’ ऐप का उद्देश्य नागरिकों और एसवी एंड एसीबी के बीच सूचना के आदान-प्रदान को और अधिक प्रभावी बनाना है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ इस डिजिटल पहल का हिस्सा बनें और हरियाणा को भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के प्रयासों में सहयोग करें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव यशपाल यादव सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

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