हरियाणा , 25 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आम जनता की सुविधा और शिकायतों के समाधान के लिए प्रदेश की सभी शहरी स्थानीय निकायों में 1,646 वार्ड समितियों का गठन किया गया है। कोई भी व्यक्ति सफाई और कचरा संग्रहण से संबंधित शिकायत इन वार्ड समितियों के व्हाट्सऐप नंबर पर दर्ज करवा सकता है, जिसका समयबद्ध समाधान किया जाएगा।
इसी प्रकार घर-घर कचरा उठाने वाले वाहनों की निगरानी के लिए 87 में से 83 शहरी स्थानीय निकायों में 4जी और 5जी नेटवर्क वाली जीपीएस प्रणाली से लैस वाहन चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाकी चार शहरी स्थानीय निकायों में भी यह प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी प्रदेश की शहरी स्थानीय निकायों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, रूट मैपिंग, मशीनरी की उपलब्धता, पोर्टल के माध्यम से भुगतान, वार्ड समितियों के गठन, स्वच्छता पखवाड़ा कैलेंडर, बल्क वेस्ट जनरेटर की पहचान एवं पंजीकरण तथा एनजीओ मैपिंग और एमओयू सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को शहरों में सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए। बैठक में पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों तथा सीएमजीजीए की सिफारिशों पर की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।
घर-घर कचरा संग्रहण के लिए रूट मैपिंग के निर्देश
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने घर-घर कचरा संग्रहण के लिए रूट मैपिंग की स्थिति की भी समीक्षा की। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक कुमार मीणा ने बताया कि जून में प्रदेश की 87 में से केवल 28 शहरी स्थानीय सरकारों में 100 प्रतिशत रूट मैपिंग का काम पूरा हुआ था, जबकि 20 सितंबर तक यह संख्या बढ़कर 66 हो गई है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक वार्ड की रूट मैपिंग में संबंधित कचरा संग्रहण वाहन, उसका समय और चालक का संपर्क नंबर शामिल किया जाए। यह जानकारी संबंधित वार्ड समिति के व्हाट्सऐप ग्रुप में साझा की जाए, ताकि घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था की प्रभावी निगरानी हो सके।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सेवा प्रदान करने वाली एजेंसियों को भुगतान केवल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल के माध्यम से ही किया जाए। भुगतान में अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और आवश्यकता के अनुसार जुर्माने का प्रावधान भी किया जाए।
वार्ड समितियों को सफाई व्यवस्था में सक्रिय भूमिका देने पर जोर
अधिकारियों ने बताया कि सितंबर तक 87 में से 86 शहरी स्थानीय सरकारों में 1,646 वार्ड समितियों का गठन किया जा चुका है और ये पूरी तरह सक्रिय हैं। वार्ड समितियों के सदस्यों को पहचान पत्र भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने वार्ड समितियों को सफाई व्यवस्था की निगरानी, स्थानीय समस्याओं की पहचान और नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका देने पर जोर दिया।
श्रेष्ठ वार्ड समितियों को जिला स्तर पर किया जाएगा सम्मानित
मुख्यमंत्री ने कहा कि वार्ड समितियों के बीच सफाई के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बेहतर प्रदर्शन करने वाली वार्ड समितियों को जिला स्तर पर पुरस्कृत करने की व्यवस्था की जाए।
अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए हरियाणा स्वच्छ लीग के माध्यम से प्रतिस्पर्धात्मक और रैंकिंग आधारित सफाई व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसके तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाली वार्ड समितियों को जिला स्तर पर तिमाही आधार पर सम्मानित किया जाएगा।
सभी जिलों में विशेष सेल के गठन पर जोर
आयुक्त एवं सचिव ने बताया कि सभी 23 जिलों के उपायुक्तों के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल पर यूजर आईडी बनाई जा चुकी है। प्रदेश के 23 जिलों में से 21 जिलों में जिला विशेष सेल का गठन किया जा चुका है। चरखी दादरी और पलवल में इन सेल के गठन की प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री ने दोनों जिलों में भी गठन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने और नियमों की प्रभावी पालना की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
स्वच्छता पखवाड़े में वार्ड समितियों की भागीदारी सुनिश्चित
अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ कैलेंडर को हरियाणा में भी अपनाया जा रहा है। इसके तहत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक विशेष स्वच्छता पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है।
स्वच्छता अभियान में वार्ड समितियों की भागीदारी के लिए राज्य स्तर पर कार्ययोजना तैयार की गई है। इस दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाली वार्ड समितियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
बल्क वेस्ट जनरेटरों के पंजीकरण में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में सभी बल्क वेस्ट जनरेटरों की पहचान कर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल पर उनका पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। नियमों का पालन नहीं करने वाले थोक कचरा उत्पादकों के खिलाफ निर्धारित प्रावधानों के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
स्वच्छता गतिविधियों में गैर-सरकारी संस्थाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी
आयुक्त एवं सचिव ने बताया कि सभी जिलों में सफाई और सामुदायिक भागीदारी के क्षेत्र में काम कर रही गैर-सरकारी संस्थाओं की पहचान की जा रही है। इन संस्थाओं को संबंधित शहरी स्थानीय सरकारों और वार्ड समितियों से जोड़कर ठोस कचरा प्रबंधन और स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा पहले दिए गए निर्देशों के अनुसार गैर-सरकारी संस्थाओं की भागीदारी को संस्थागत रूप देने के लिए राज्य स्तर पर एक ड्राफ्ट समझौता ज्ञापन (एमओयू) तैयार किया गया है।
मानव संसाधन और मशीनरी की उपलब्धता में सुधार
अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की शहरी स्थानीय सरकारों में मानव संसाधन और मशीनरी की उपलब्धता में लगातार सुधार किया गया है। सितंबर तक प्रदेश की 87 शहरी स्थानीय सरकारों में से 65 में मानव संसाधन की कमी दूर की जा चुकी है, जबकि 68 शहरी स्थानीय सरकारों में मशीनरी की कमी दूर की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने बाकी कमियों को भी निर्धारित समय में दूर करने और इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सफाई व्यवस्था में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों और स्थानीय सरकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक कुमार मीणा तथा मुख्यमंत्री के उप-प्रधान सचिव डॉ. यशपाल सिंह भी मौजूद रहे।






