अमृतसर, 25 सितंबर,2026 (अमरीक सिंह): श्री अकाल तख्त साहिब की अगुवाई में 24 जुलाई को शुरू हुआ मीरी-पीरी खालसा मार्च पंजाब के विभिन्न गांवों और शहरों से होते हुए आज श्री अकाल तख्त साहिब में संपन्न हो गया। मार्च के दौरान संगत को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बाणी, गुरमत जीवन-जांच, श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता और सिख सिद्धांतों से जुड़ने का संदेश दिया गया।
मार्च के अंतिम चरण में गुरुद्वारा जन्म स्थान बाबा बुड्ढा साहिब, कथूनंगल से बड़ी संख्या में संगत के साथ यह यात्रा श्री अमृतसर पहुंची। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि मार्च का उद्देश्य युवाओं को नशों से दूर रहने, खेलों और अच्छी गतिविधियों से जुड़ने तथा सिखी स्वरूप और सिद्धांतों को अपनाने के लिए प्रेरित करना भी रहा।
इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने घोषणा की कि मार्च के समापन के बाद प्रत्येक शिरोमणि कमेटी हलके में बड़े स्तर पर गुरमत समागम और अमृत संचार समागम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने शिरोमणि कमेटी सदस्यों से अपने-अपने क्षेत्रों में संगत को इन समागमों से जोड़ने की अपील की।
समागम के दौरान पांच प्यारों और निशान साहिब के सेवादारों को सिरोपाओ भेंट किए गए तथा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप को पालकी साहिब में सुशोभित किया गया। मार्च के विभिन्न पड़ावों पर संगत द्वारा यात्रा का स्वागत किया गया और लंगर की व्यवस्था भी की गई।






