मोगा, 27 सितंबर, 2026 (लछमण जीत सिंह पुरबा): मोगा में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बेदी नगर की मंदिर वाली गली निवासी बुजुर्ग कुलवंत सिंह के पंजाब एंड सिंध बैंक में जमा करीब 32.50 लाख रुपये कथित तौर पर डिजिटल लेन-देन के जरिए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। इसके अलावा उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) के आधार पर करीब 11 लाख रुपये का कर्ज लिए जाने की बात भी सामने आई है। इस तरह बुजुर्ग को एक ही मामले में बड़े वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा है।
एफडी के नवीनीकरण के लिए बैंक पहुंचने पर हुआ खुलासा:
जानकारी के अनुसार कुलवंत सिंह का पंजाब एंड सिंध बैंक की गोदेवाला शाखा में कई वर्षों से खाता चल रहा है। उन्होंने बैंक में लाखों रुपये की एफडी भी करवाई हुई थी। जुलाई महीने में जब वह एफडी के नवीनीकरण के लिए बैंक पहुंचे तो खाते की जांच के दौरान उन्हें कथित वित्तीय ठगी के बारे में पता चला। जांच के दौरान सामने आया कि खाते से जुड़े एक मोबाइल नंबर के जरिए डिजिटल लेन-देन किया गया था।
दो साल से बंद नंबर के जरिए हुआ लेन-देन:
बुजुर्ग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर पिछले करीब दो वर्षों से बंद पड़ा था। इसके बावजूद इस नंबर से जुड़े डिजिटल लेन-देन के जरिए बड़ी रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। इसके साथ ही एफडी को आधार बनाकर करीब 11 लाख रुपये का कर्ज लिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। मामले में यह पता लगाना पुलिस जांच का हिस्सा है कि ये लेन-देन किस तरीके से और किन व्यक्तियों द्वारा किए गए।

पुलिस और बैंक ने विस्तृत जानकारी साझा नहीं की:
मामले के संबंध में पुलिस अधिकारियों और संबंधित बैंक अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से मामले के बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई। कुलवंत सिंह की शिकायत के बाद मामला साइबर अपराध थाने को सौंपा गया। जानकारी के अनुसार इंस्पेक्टर कुलविंदर कौर द्वारा जांच के बाद अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हुई रकम की जांच:
पुलिस द्वारा अब उन व्यक्तियों की पहचान करने के लिए जांच की जा रही है, जिनके बैंक खातों में कथित तौर पर रकम ट्रांसफर हुई। जांच में डिजिटल लेन-देन के रिकॉर्ड, बैंकिंग विवरण और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस द्वारा मामले की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।






