Tuesday, September 29, 2026
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आयुष विभाग द्वारा स्थानीय व्यंजन एवं मिलेट्स (श्रीअन्न) जागरूकता अभियान एवं निशुल्क चिकित्सा शिविर का हुआ सफल आयोजन


कुरुक्षेत्र, 29 सिंतबर, 2026 (संजीव शर्मा):
   जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ मंजू शर्मा ने कहा कि महानिदेशक आयुष हरियाणा के दिशा निर्देशानुसार व प्रशासन के तत्वाधान में  जिले के विभिन्न आयुष केंद्रों, आरोग्य मंदिरों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थानीय व्यंजन एवं मिलेट्स (श्रीअन्न) विषयक विशेष व्याख्यान एवं प्रदर्शनी गतिविधियों का व्यापक आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता को दैनिक आहार में श्रीअन्न (मिलेट्स), मौसमी फलों और सब्जियों के पोषण व स्वास्थ्य संबंधी लाभों के प्रति जागरूक करना और पारंपरिक खान-पान को बढ़ावा देना था।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ मंजू शर्मा ने आज यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर उमरी, ज्योतिसर, बनी, कलाल माजरा, चनारथल, मुर्तजापुर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोली, रामगढ़ ,अमीन , सामान्य अस्पताल की आयुष विंग और यू.पी.एच.सी. कृष्णा नगर गामड़ी सहित कई अन्य स्थानों पर आयुष चिकित्सकों और उनकी टीमों द्वारा विशेष शिविर लगाए गए। इन आयोजनों में बाजरा, ज्वार, रागी, कुटकी, कोदो, सांवा, कंगनी और क्विनोआ जैसे प्रमुख मिलेट्स के साथ-साथ स्थानीय एवं मौसमी खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी लगाई गई। चिकित्सकों और योग विशेषज्ञों ने उपस्थित नागरिकों, महिलाओं व बच्चों को मिलेट्स के औषधीय गुणों व पोषण संबंधी महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।


उन्होंने कहा कि इस दौरान मौसमी फलों और सब्जियों के उपयोग एवं फायदों पर विशेष प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने बताया कि मौसमी फल और सब्जियां प्राकृतिक रूप से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती हैं, क्योंकि वे प्रचुर मात्रा में विटामिन, खनिज, एंटीऑक्सीडेंट और प्राकृतिक फाइबर से भरपूर होती हैं। स्थानीय स्तर पर मिलने वाले ये ताजे फल और सब्जियां पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने, शरीर को डिटॉक्स करने और मौसम के बदलाव से होने वाली बीमारियों से बचाने में अत्यंत मददगार हैं। संतुलित आहार के अंतर्गत दालों, साबुत अनाज और मौसमी उपज के नियमित सेवन से एक स्वस्थ, टिकाऊ और ऊर्जावान जीवनशैली प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि इन शिविरों के दौरान बाजरे की रोटी, बाजरे की खिचड़ी, रागी चीला और ज्वार की रोटी जैसे पौष्टिक स्थानीय व्यंजनों के प्रदर्शन के साथ-साथ उनके स्वास्थ्यवर्धक उपयोगों पर भी चर्चा की गई। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर बरवा और यारा में भी विशेष चिकित्सा एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। इस शिविर में 220 से अधिक नागरिकों ने लाभ उठाया। बरवा केंद्र पर सरपंच  की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित शिविर में डॉ. राजीव बिरवाल और डॉ. मोनिका पूनिया द्वारा स्वास्थ्य एवं पौष्टिक आहार संबंधी परामर्श दिया गया, जहां आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक ओपीडी के माध्यम से बड़ी संख्या में मरीजों की जांच कर नि:शुल्क दवाइयां वितरित की गईं और योग सहायक द्वारा योगाभ्यास कराया गया। इसी प्रकार, आरोग्य मंदिर यारा में डॉ संदीप एवं डॉ आश्मी के नेतृत्व में आयोजित शिविर में भारी संख्या में मरीजों की ओपीडी देखने के साथ-साथ रक्तचाप व ब्लड शुगर की जांच की गई, मिलेट्स पर व्याख्यान दिए गए, योग सत्र आयोजित हुआ तथा आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पौधे वितरित किए गए।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी ने कहा कि हमारे पारंपरिक खान-पान और श्रीअन्न में अपार औषधीय और पोषण संबंधी गुण छिपे हैं, जिन्हें दैनिक जीवन में अपनाकर कई गंभीर जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और भावी पीढ़ी को स्वस्थ रखने के लिए फास्ट फूड से दूरी बनाकर स्थानीय, मौसमी और पारंपरिक पौष्टिक आहार को अपने दैनिक भोजन का हिस्सा बनाएं। कुरुक्षेत्र जिले के इन विभिन्न केंद्रों पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, महिलाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की, प्रदर्शनी का अवलोकन किया और पारंपरिक व पौष्टिक आहार अपनाने का संकल्प लिया।

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