Tuesday, September 29, 2026
HomeHaryanaगांवों में लाइब्रेरी से लेकर इंडोर जिम तक, जनकल्याणकारी योजनाओं में गुणवत्ता...

गांवों में लाइब्रेरी से लेकर इंडोर जिम तक, जनकल्याणकारी योजनाओं में गुणवत्ता और प्रभावी निगरानी पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिया जोर

 हरियाणा , 29 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे और योजनाओं की जमीनी स्तर पर प्रभावशीलता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभागों द्वारा अपनाई जा रही बेस्ट प्रैक्टिस का उद्देश्य केवल आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों, ग्रामीण लोगों, महिलाओं, युवाओं और आम जनता को वास्तविक लाभ पहुंचाना होना चाहिए।

मुख्यमंत्री सोमवार को चंडीगढ़ में राज्य सरकार के प्रमुख विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण, बागवानी, कृषि विपणन बोर्ड, विकास एवं पंचायत, सिंचाई एवं जल संसाधन तथा सहकारिता विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों और तकनीकी सुधारों की विस्तार से समीक्षा की गई।

खाद वितरण से लेकर भावांतर भरपाई तक, किसानों को योजनाओं का पूरा लाभ सुनिश्चित करें

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से खाद वितरण प्रणाली (IFMS) को ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ (MFMB) पोर्टल से जोड़ने की पहल की जानकारी दी गई। इस व्यवस्था के माध्यम से केवल सत्यापित और पंजीकृत किसानों को ही पीओएस मशीन के जरिए खाद उपलब्ध कराई जा रही है। इससे यूरिया और डीएपी की कालाबाजारी तथा औद्योगिक दुरुपयोग पर रोक लगाने में मदद मिली है। इस व्यवस्था के तहत 8 अक्टूबर 2025 से 14 सितंबर 2026 के बीच 820 करोड़ रुपये की सब्सिडी की बचत दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों को केवल कार्यालयों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि वे नियमित रूप से खेतों में जाकर किसानों से संवाद करें और फसलों में लगने वाले कीटों एवं रोगों, विशेषकर सुंडी आदि की समस्या कहां से शुरू हुई, इसके कारणों और समाधान पर वैज्ञानिक स्तर पर शोध करें। उन्होंने कहा कि फसलों में कीटों और रोगों की समय पर पहचान कर किसानों को आवश्यक जानकारी और समाधान उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसानों को फसलों में लगने वाले कीटों की समस्या के प्रति समय रहते जागरूक करने के लिए ई-पेस्ट सर्विलांस सिस्टम विकसित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में नई तकनीक और नई फसलों की किस्मों पर शोध को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष रिसर्च सेंटर स्थापित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस केंद्र में गन्ने सहित अन्य कृषि फसलों की नई और बेहतर किस्में विकसित करने तथा उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाने पर शोध किया जाए। कृषि अनुसंधान को खेतों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ा जाए, ताकि किसानों को इसका सीधा लाभ मिल सके।

हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा संचालित मुख्यमंत्री किसान एवं खेत मजदूर जीवन सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिस भी बीमा एजेंसी के माध्यम से किसानों का बीमा किया जा रहा है, वह यह सुनिश्चित करे कि पात्र किसान को पूरा बीमा लाभ मिले और वास्तविक नुकसान की भरपाई हो।

बागवानी विभाग की भावांतर भरपाई योजना (BBY) की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के तहत किसानों को उनकी पात्रता के अनुसार पूरी भुगतान राशि मिलनी चाहिए। प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।

अटल लाइब्रेरी से लेकर ग्रामीण युवाओं तक, स्वस्थ और आत्मनिर्भर गांवों पर जोर

विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियों और युवाओं को बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई अटल लाइब्रेरी पहल की भी समीक्षा की गई। पहले चरण में 996 अटल लाइब्रेरी स्थापित की जा चुकी हैं, जबकि दूसरे चरण में 86.6 करोड़ रुपये के बजट से 1,000 नई अटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अटल लाइब्रेरियों की इमारतों और ग्राम सचिवालयों पर सोलर पैनल लगाने की संभावनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में बन रही 1,000 नई लाइब्रेरियों में से 500 नई लाइब्रेरियों का 25 दिसंबर 2026 को सुशासन दिवस के अवसर पर उद्घाटन किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इन लाइब्रेरियों में बच्चों से किसी प्रकार की फीस नहीं ली जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के अधिक से अधिक बच्चे इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।

महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार और डेयरी फार्मिंग से जोड़ने के लिए शामलात देह भूमि पर डेयरी योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समूहों की महिलाओं को अधिक से अधिक डेयरी गतिविधियों से जोड़ा जाए। इससे महिलाओं को स्वरोजगार मिलेगा और गांवों में दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाला दूध उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि डेयरी का काम करने के इच्छुक स्वयं सहायता समूहों को भी वीबी-जीआरएएमजी योजना के तहत कवर किए गए शेड बनाकर उपलब्ध करवाए जाएं।

ग्रामीण युवाओं में फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण इंडोर जिम स्थापित किए जा रहे हैं। अब तक 468 इंडोर जिम स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा 234 और इंडोर जिम स्थापित करने के आदेश जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जहां इंडोर जिम स्थापित किए गए हैं, वहां महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं को जोड़कर खेल एवं फिटनेस गतिविधियां आयोजित की जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिल सके।

जल संरक्षण, गुणवत्तापूर्ण दूध और तकनीकी सेवाओं को और मजबूत करने के निर्देश

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों के खेतों तक आवश्यक और समय पर पानी पहुंचना सुनिश्चित किया जाए तथा नहरों के अंतिम छोर तक पूरा पानी पहुंचे। उन्होंने कहा कि पानी की बचत के लिए विभाग द्वारा किए जाने वाले सभी जरूरी प्रयासों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और माइक्रो-इरिगेशन सहित जल संरक्षण की तकनीकों को बढ़ावा दिया जाए।

हरियाणा डेयरी विकास सहकारी महासंघ (HDDCF) की योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने दूध उत्पादक महिलाओं को और अधिक सशक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ दूध की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। दूध की गुणवत्ता और मिलावट की नियमित जांच के लिए फूड एंड ड्रग विभाग की सहायता ली जाए और जहां भी दूध की टेस्टिंग की व्यवस्था है, उसे प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने दूध में मिलावट रोकने और कैटल फीड की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने दूध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के तहत गौशालाओं को भी 10 रुपये प्रति लीटर सब्सिडी देने की व्यवस्था किए जाने की संभावनाओं पर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अन्य पात्र लाभार्थियों को सहायता और सब्सिडी दी जा रही है, उसी प्रकार गौशालाओं के लिए भी उपयुक्त प्रबंध तैयार किया जाए।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री दूध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के तहत लीन सीजन में दूध उत्पादकों को 5 रुपये प्रति लीटर, शीतकाल में 3 रुपये प्रति लीटर और अंत्योदय परिवारों को पूरे वर्ष 10 रुपये प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि दूध की आपूर्ति करने वाले लोगों का भी पंजीकरण किया जाए और पात्रता के अनुसार उन्हें व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना से जोड़ने की व्यवस्था की जाए।

बैठक में सहकारिता विभाग के अंतर्गत सहकारी समितियों, हैफेड (HAFED), हरियाणा शुगरफेड और HDDCF के कार्यों की भी समीक्षा की गई। सहकारी समितियों का ऑनलाइन पंजीकरण हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के तहत तीन कार्य दिवसों के भीतर किया जा रहा है। वर्ष 2019 से अब तक 9,165 समितियों का ऑनलाइन पंजीकरण किया गया है। ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों के शेयर ट्रांसफर की प्रक्रिया को भी पूरी तरह पेपरलेस किया गया है और वर्ष 2021 से अब तक 14,022 मामले ऑनलाइन स्वीकार किए गए हैं।

सहकारी चीनी मिलों में गन्ने की आपूर्ति के लिए मोबाइल ऐप/SMS आधारित एडवांस टोकन सिस्टम लागू किया गया है। इससे किसानों का मिलों पर इंतजार का समय 11 से 15 घंटे से घटकर लगभग 1 से 2 घंटे रह गया है। HAFED द्वारा एमएसपी (MSP) पर खरीद, वैज्ञानिक भंडारण, प्रोसेसिंग और ब्रांडेड उत्पादों के विपणन की एकीकृत व्यवस्था संचालित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं में तकनीक, पारदर्शिता और निगरानी को और मजबूत किया जाए तथा सफल बेस्ट प्रैक्टिस को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से पात्र लोगों तक पहुंचे और जनसेवा की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, श्री अनुराग अग्रवाल, श्री विजेंद्र कुमार, श्री पंकज यादव, महिला एवं बाल विकास की निदेशक डॉ. प्रियंका सोनी, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री अजय कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments