लुधियाना, 29 सितंबर 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): गुरु अंगद देव वेटरनरी एवं एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना के प्रसार शिक्षा निदेशालय ने अंबुजा फाउंडेशन, बठिंडा के सहयोग से 56 महिला डेयरी उद्यमियों के लिए “स्वच्छ दूध उत्पादन एवं दूध से गुणवत्तापूर्ण उत्पाद निर्माण” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य डेयरी कार्य से जुड़ी महिलाओं के तकनीकी ज्ञान, उद्यमिता कौशल तथा आय बढ़ाने की क्षमता को मजबूत करना था। प्रशिक्षण के दौरान वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन, स्वच्छ दूध उत्पादन, दूध प्रसंस्करण, मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्माण तथा लाभकारी लघु डेयरी उद्यमों के विकास पर विशेष जोर दिया गया।
डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल, वाइस चांसलर ने कहा कि महिला डेयरी उद्यमियों को वैज्ञानिक ज्ञान, व्यावहारिक कौशल और उद्यमिता क्षमताओं से सशक्त बनाकर डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, पारिवारिक आय में वृद्धि तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के स्थायी अवसर पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय और अंबुजा फाउंडेशन के संयुक्त प्रयासों की सराहना की।
प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. रविंदर सिंह ग्रेवाल ने पशुओं के स्वास्थ्य संबंधी वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाने, दुग्ध दुहन के दौरान स्वच्छता बनाए रखने तथा दूध से गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करने को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला उद्यमियों को छोटे स्तर पर डेयरी प्रसंस्करण उद्यम स्थापित करने के लिए आवश्यक व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करते हैं।

तकनीकी सत्रों के दौरान पशुओं की रोग-निवारक प्रबंधन प्रणाली, स्वच्छ दूध उत्पादन, लघु डेयरी प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, दूध प्रसंस्करण एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पाद निर्माण, उच्च श्रेणी के डेयरी उत्पादों तथा लाभकारी व्यावसायिक मॉडलों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
डॉ. जसनीत सिंह, डॉ. हरनीत कौर, डॉ. रवदीप सिंह तथा डॉ. कृतिका वर्मा ने छात्र संयोजकों हरयुवराज सिंह बेदी और नवरोज कौर के सहयोग से कार्यक्रम का समन्वय किया।
कार्यक्रम का समापन एक विचार-विमर्श सत्र के साथ हुआ।






