टोहाना, 29 सितम्बर,2026 (संजीव शर्मा) धान की फसल की कटाई के बाद फसल अवशेष प्रबंधन को प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने तथा पराली जलाने की घटनाओं पर पूर्णत: रोक लगाने के उद्देश्य से एसडीएम आकाश शर्मा ने प्रैस कॉन्फ्रेंस हाल में पंचायत विभाग, फायर विभाग, पशुपालन विभाग तथा बेलर प्रबंधन से जुड़े प्रतिनिधियों व संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में धान अवशेष प्रबंधन को लेकर विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की समीक्षा की गई तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
एसडीएम आकाश शर्मा ने कहा कि धान की फसल कटने के बाद पराली प्रबंधन को लेकर सभी संबंधित विभाग पूरी गंभीरता और आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन-सीटू अथवा एक्स-सीटू पराली प्रबंधन का कार्य पूरा होने तक संबंधित कर्मचारियों की ड्यूटी फील्ड में बनी रहे और अधिकारी व कर्मचारी केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि ग्राउंड पर जाकर किसानों से सीधा संवाद करें और पराली प्रबंधन की वास्तविक स्थिति का जायजा लें।
उन्होंने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए टीम वर्क बेहद जरूरी है। गांव स्तर पर गठित स्थानीय टीमें सक्रिय रूप से फील्ड में कार्य करें। पटवारी, ग्राम सचिव तथा पंचायत प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी तरह मुस्तैद रहें और किसानों से निरंतर संपर्क बनाए रखें। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर अधिकारी एवं कर्मचारी यदि समय रहते किसानों से संवाद स्थापित करेंगे और पराली प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे तो फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर प्रभावी रूप से रोक लगाई जा सकती है।
एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में लगातार जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष जलाने से खेत की उपजाऊ क्षमता प्रभावित होती है तथा मिट्टी में मौजूद उपयोगी सूक्ष्म जीवों को भी नुकसान पहुंचता है। इसलिए किसान पराली को आग लगाने के बजाय उपलब्ध वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल तरीकों से उसका प्रबंधन करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि गांवों में पराली प्रबंधन को लेकर जागरूकता कैंप आयोजित किए जाएं तथा इन कैंपों के माध्यम से किसानों को इन-सीटू एवं एक्स-सीटू पराली प्रबंधन के विभिन्न विकल्पों, उपलब्ध संसाधनों तथा विभागीय योजनाओं की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को समय रहते उचित मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधा उपलब्ध करवाना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।
एसडीएम ने बेलर संचालकों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों के खेतों से पराली उठाने तथा उसके प्रबंधन का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए। बेलर संचालक किसानों को पहले से सूचित करें तथा खेतों में पराली प्रबंधन के लिए उचित तालमेल बनाकर रखें, ताकि फसल कटाई के बाद किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बेलर मशीनों की समय पर मेंटेनेंस सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि आवश्यकता के समय मशीनें पूरी क्षमता के साथ उपलब्ध रहें और पराली प्रबंधन का कार्य प्रभावित न हो।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग मिलकर किसानों के साथ समन्वय स्थापित करें और यह सुनिश्चित करें कि धान की कटाई के बाद खेतों में पराली प्रबंधन का कार्य समय पर पूरा हो। इस बार टोहाना क्षेत्र में पराली जलाने की एक भी घटना न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभाग पूरी तत्परता से कार्य करें। उन्होंने कहा कि गांव स्तर तक निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए और किसी भी संभावित घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उपनिदेशक कृषि विभाग विनोद फोगाट ने बैठक में कृषि विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर किए जा रहे प्रबंधों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसानों को पराली प्रबंधन के विभिन्न तरीकों के बारे में जागरूक किया जा रहा है तथा विभागीय स्तर पर आवश्यक समन्वय स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पराली जलाने की पुष्टि होने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पराली जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ-साथ पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की कार्रवाई तथा ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर रेड एंट्री भी की जाएगी।
बैठक में नायब तहसीलदार रसविन्द्र सिंह एवं अनिल कुमार, एसडीओ मुकेश मेहला, एसईपीओ माया गोदारा, संजय सेलवाल, अजय ढिल्लों, रामेश्वर दास सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।






