नाभा, 30 सितंबर, 2026 (बलजीत सिंह सरना): नाभा कोतवाली थाने के लॉकअप में एनडीपीएस मामले के एक आरोपी की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार लछमण नामक आरोपी ने मंगलवार सुबह करीब 7 बजे लॉकअप के शौचालय में अपने पायजामे का इस्तेमाल कर आत्महत्या कर ली।
जानकारी के अनुसार कोतवाली पुलिस ने 27 सितंबर को मोटरसाइकिल सवार दो व्यक्तियों को काबू किया था। पुलिस ने दावा किया था कि उनके पास से 80 ग्राम कथित हेरोइन बरामद की गई। इस मामले में दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया था और सोमवार को सक्षम अदालत ने लछमण को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा था।
घटना की सूचना मिलने के बाद मृतक के परिवार में रोष पैदा हो गया। परिवार के सदस्यों ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की और सीसीटीवी फुटेज भी देखी। उन्होंने कहा कि फुटेज देखने के बाद उन्हें लगा कि लछमण ने आत्महत्या की है। हालांकि, परिवार ने पुलिस द्वारा उन्हें घटना की जानकारी देने में हुई देरी पर नाराजगी जताई।
घटना के बाद कोतवाली थाने के बाहर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया। बड़ी संख्या में युवा वहां एकत्रित हो गए और मामले को लेकर रोष जताया। इस दौरान पटियाला के एसपी (हेडक्वार्टर) राजेश छिब्बर और नाभा के डीएसपी गुरिंदर सिंह बल्ल ने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर स्थिति को शांत किया।
पुलिस ने मृतक का शव सिविल अस्पताल नाभा के शवगृह में भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार अदालत की निगरानी में डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम किया जाएगा। मौत के कारणों और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की प्रक्रिया जारी है।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए मृतक के मामा जग्गी सिंह और बलबीर सिंह ने बताया कि लछमण को एनडीपीएस मामले में गिरफ्तार किया गया था और मंगलवार सुबह थाने के लॉकअप में उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद वे पुलिस द्वारा मामले को संभालने के तरीके से संतुष्ट हैं, लेकिन उन्होंने घटना की सूचना देने में हुई देरी पर सवाल उठाए।
इस मामले के संबंध में पटियाला के एसपी (हेडक्वार्टर) राजेश छिब्बर ने कहा कि कोतवाली पुलिस ने 27 सितंबर को लछमण और उसके साथी बिरजू को नशीले पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया था। उनके अनुसार गिरफ्तारी के बाद दोनों को कोतवाली थाने में पुलिस हिरासत में रखा गया था।
राजेश छिब्बर ने बताया कि मंगलवार सुबह लछमण ने लॉकअप के अंदर आत्महत्या कर ली। उन्होंने कहा कि परिवार को घटना के बारे में सूचित कर दिया गया है और अदालत के आदेशों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।






