कुरुक्षेत्र 30 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): जिला कुरुक्षेत्र के खंड लाडवा के विभिन्न गांवों में अमृत सरोवर योजना के अंतर्गत तालाबों के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण से संबंधित विकास कार्यों का विस्तार से निरीक्षण किया गया। इस दौरान गांव हलालपुर, लोहारा, ध्यांगला, गुढ़ा, गुढ़ी, बड़तौली, छपरा, बकाली, बरोट, बड़ाचपुर तथा खेड़ी दबदलान में तालाबों की वर्तमान स्थिति तथा किए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया।
इस निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रभारी कैलाश सैनी, जिला परिषद की चेयरपर्सन कंवलजीत कौर हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यकारी उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विमल गोस्वामी, एवीएसएम, वीएसएम विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रभारी कैलाश सैनी ने कहा कि अमृत सरोवर योजना ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। तालाबों का जीर्णोद्धार केवल जल भंडारण तक सीमित न रहकर गांवों के समग्र विकास का माध्यम बने, इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाना आवश्यक है।
जिला परिषद की चेयरपर्सन कंवलजीत कौर ने कहा कि अमृत सरोवर गांवों की प्राकृतिक एवं पारंपरिक जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। तालाबों का बेहतर रखरखाव होने से भूजल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और सुंदर वातावरण तैयार होगा। उन्होंने कहा कि विकसित एवं आत्मनिर्भर गांव की परिकल्पना में जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है।
हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यकारी उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विमल गोस्वामी, एवीएसएम, वीएसएम ने निरीक्षण के दौरान तालाबों के संरक्षण और रखरखाव को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तालाब ग्रामीण जल व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इनके पुनर्जीवन के लिए जल की आवक एवं निकासी की समुचित व्यवस्था, जल की गुणवत्ता तथा नियमित रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने तालाबों के विकास कार्यों में गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
इस निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अमृत सरोवरों से जुड़े सभी कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं। साथ ही तालाबों के विकास के बाद उनके नियमित रखरखाव की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि इन परिसंपत्तियों का ग्रामीणों को लंबे समय तक लाभ मिल सके।
अमृत सरोवर योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण पर्यटन, रोजगार सृजन और ग्राम पंचायतों की आय में वृद्धि की दिशा में नए अवसर विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकार अमृत सरोवर आने वाले समय में केवल जल संरक्षण के केंद्र नहीं, बल्कि समृद्ध, स्वच्छ और विकसित गांवों की पहचान बनने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार साबित हो सकते हैं।
इस अवसर पर विकास एवं पंचायत विभाग, माइक्रो इरिगेशन एंड कमांड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी, वीबी-जीरामजी व अन्य विभागों के अधिकारी, संबंधित जिला पार्षद प्रतिनिधि, संबंधित गाँवों के सरपंच, जन प्रतिनिधि एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।






