संगरूर, 1 अक्टूबर, 2026 (जगजीत सिंह): इंजीनियर बलजीत सिंह, उप मुख्य अभियंता, वितरण हलका संगरूर, पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ने जानकारी देते हुए बताया कि कृषि ट्यूबवेल (एपी) उपभोक्ताओं के अनधिकृत अतिरिक्त लोड को नियमित करने के लिए वॉलंटरी डिस्क्लोजर स्कीम (वीडीएस) लागू की गई है। यह योजना 1 अक्टूबर 2026 से 45 दिनों तक लागू रहेगी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के तहत पीएसपीसीएल प्रबंधन द्वारा जारी कमर्शियल सर्कुलर नंबर 37/2026 के अनुसार यह योजना 29 मई 2026 तक मौजूद कृषि ट्यूबवेल उपभोक्ताओं पर लागू होगी। इस योजना के तहत उपभोक्ता अपने कनेक्शन पर मौजूद अनधिकृत अतिरिक्त लोड को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नियमित करवा सकेंगे।
सर्कुलर के अनुसार, इस योजना के तहत अतिरिक्त लोड को नियमित करने के लिए अब सर्विस कनेक्शन चार्ज 2,500 रुपये प्रति हॉर्स पावर निर्धारित किया गया है, जबकि योजना से पहले सामान्य दर 6,572 रुपये प्रति हॉर्स पावर थी। इसी तरह अब सिक्योरिटी राशि 200 रुपये प्रति हॉर्स पावर निर्धारित की गई है, जबकि पहले सामान्य दर 400 रुपये प्रति हॉर्स पावर थी।
जारी आदेशों के अनुसार, उपभोक्ता अपने कृषि ट्यूबवेल के अनधिकृत लोड को हटा सकता है या आवश्यक राशि जमा करवाकर वीडीएस के तहत इसे नियमित करवा सकता है। उपभोक्ता को स्व-घोषणा के लिए निर्धारित फॉर्म-1 भरना होगा। यदि कार्रवाई उपभोक्ता के किसी अन्य प्रतिनिधि के माध्यम से की जाती है, तो प्रतिनिधि को फॉर्म-2 के अनुसार अंडरटेकिंग भी देनी होगी।
इस योजना के तहत फील्ड अधिकारी और प्रवर्तन टीमें कृषि उपभोक्ताओं के कनेक्शनों की जांच कर जुड़े हुए लोड का सत्यापन करेंगी तथा अनधिकृत लोड की सही असेसमेंट में उपभोक्ताओं की सहायता करेंगी।
वीडीएस की अवधि के दौरान जांच में सामने आए या उपभोक्ता द्वारा स्वयं घोषित किए गए अनधिकृत लोड पर कोई पेनल्टी या लोड सरचार्ज (जुर्माना) नहीं लगाया जाएगा।
पीएसपीसीएल ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित 45 दिनों की अवधि के दौरान वीडीएस का लाभ उठाकर अपने कृषि ट्यूबवेल कनेक्शनों पर मौजूद अनधिकृत अतिरिक्त लोड को नियमों के अनुसार नियमित करवाएं।
क्षमता बढ़ाने से संबंधित मामलों का निपटारा पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा।
इसके अलावा, यदि अतिरिक्त लोड को नियमित करने के लिए सर्विस लाइन, केबल या ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है, तो यह कार्य पीएसपीसीएल द्वारा अपने खर्च पर किया जाएगा।






